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मंडी में धान के भाव को लेकर बिफरे किसान

व्यापारियों से वाद विवाद के बाद किसानों ने मंडी का गेट बंद कर अनियमितता के खिलाफ नारेबाजी कर धरने पर बैठे
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होशंगाबाद

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Sandeep Nayak

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Updated: 16 Mar 2018, 3:59 PM IST

farmers protest madhya pradesh india news

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पिपरिया। कृषि उपज मंडी में गुरुवार को धान की बंपर आवक दर्ज हुई। धान रेट को लेकर किसानों में असंतोष रहा। व्यापारियों से वाद विवाद के बाद किसानों ने मंडी का गेट बंद कर अनियमितता के खिलाफ नारेबाजी कर धरने पर बैठ गए। स्थिति बिगड़ती देख तहसीलदार,पुलिस अधिकारी,सचिव ने मौके पर पहुंच किसानों की बात सुन तत्काल व्यापारी बैठक आयोजित की। कृषि उपज मंडी में धान की की खरीदी विक्री को लेकर एक माह के अंतराल में दूसरी बार किसानों ने हंगामा हुआ। किसानों ने आरोप लगाया कि ३ हजार क्विंटल की धान की कीमत व्यापारी २३ सौ २५ सौ रुपए तक लगा रहे है। दूसरा गंभीर आरोप यह भी किसानों ने लगाया कि एक ही ढेर के अलग अलग दाम व्यापारी लगा रहे है जिससे मेहनतकश किसान परेशान है। गुरुवार को भी सुबह की नीलामी बोली के दौरान किसानों की धार एक दिन पहले २७ सौ रुपए खरीदी गई लेकिन गुरुवार को रेट २२सौ २३ रुपए प्रति क्विंटल लगाए जाने पर किसान बिफर पड़े। किसानों ने मंडी का मुख्य गेट बंद कर धरने पर बैठकर नारे बाजी शुरु कर दी।

10 हजार क्विंटल रही धान की आवक
गुरुवार को मंडी में धान की आवक करीब १० हजार क्विंटल रही। सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार मंडी शेड पर लगी रही। नीलामी शाखा के मुमताज खान के अनुसार गुरुवार को रेट २३00 से २६५० रुपए प्रति क्विंटल तक को रहे।
इशारों में लगती है नीलामी व बोली
मंडी में किसानों का कहना था कि दो चार व्यापारी ही नीलामी बोली में शामिल होते हैं और इशारों में बोली लगती है। एक ही धान के अलग-अलग रेट कैसे लगते है इसकी बड़ें स्तर पर जांच होना चाहिए किसानों को मेहनत की उपज का वाजिब दाम मिलना चाहिए।

बैठक में सहमति
नीलामी बंद होते ही मंडी में हंगामे की स्थिति बनी रही। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी के निर्देश पर तहसीलदार आलोक पारे,टीआई अनूप सिंह नैन ने मंडी पहुंच किसानों की समस्या सुनी। सचिव नरेश परमार ने तत्काल व्यापारियों की बैठक लेकर किसान और व्यापारियों के बीच रेट को लेकर सहमति बनाई तब जाकर दोपहर ३ बजे के बाद दूसरे सत्र की नीलामी पुलिस की मौजूदगी में शुरु हो सकी।
&रेट को लेकर किसानों ने विरोध दर्ज कराया करीब एक घंटे पहले सत्र की नीलामी बंद रही। व्यापारी और किसानों की बैठक लेकर सामंजस्य बनाकर दूसरे सत्र की नीलामी शुरु कराई गई।
नरेश परमार, सचिव कृषि उपज मंडी पिपरिया