
photo
होशंगाबाद . नर्मदा किनारे स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर के असितत्व में आने की कहानी भी किसी चमत्कार से कम नहीं है। यहां विराजे हनुमान करीब 300 साल पहले पीपल के पेड़ की जड़ में प्रकट हुए थे जिन्हें विधि-विधान से स्थापित किया गया। आज इस मंदिर की कीॢत दूर-दूर तक फैली है और दूर-दराज से यहां लोग हनुमानजी के दर्शन करने आते हैं। यहां साल भर प्रतिदिन सुबह सात बजे से कीर्तन होता है। यह प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर सेठानीघाट के पास जगदीशपुरा में है। हनुमान जयंती पर तो यहां पैर रखने तक की जगह नहीं रहती। मंदिर के महंत पप्पी महाराज ने बताया कि यहां स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा करीब 300 वर्ष पहले पीपल के पेड़ की जड़ में मिली थी, जिसे विधि-विधान से एक चबूतरे पर स्थापित किया गया। इसके बाद छोटी सी मढिय़ा निर्मित की गई। धीरे-धीरे मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और आज भव्य मंदिर बना है।
ध्वज में समा गई आसमान से गिरी बिजली
इधर बालागंज में स्थित हनुमान मंदिर में भी डेढ़ सौ साल पहले चमत्कार की एक घटना हुई। मंदिर के ऊपर आसमानी बिजली गिरी, लेकिन वह पेड़ पर लगे एक ध्वज में ही समा गई और कोई नुकसान भी नहीं हुआ। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि 1984 में आसमान से तेज कड़कड़ाती बिजली गिरी, जिसे मंदिर के पेड़ पर लगे ध्वज ने खीच लिया। इससे न तो मंदिर को कई नुकसान हुआ और न ही कहीं आसपास।
यहां होंगे आयोजन
पोस्ट ऑफिसघाट, कृषि विभाग के पास, खेड़ापति हनुमान मंदिर, बालागंज हनुमान मंदिर सहित शहर के अन्य मंदिरों में धूमधाम से हनुमान जयंती पर्व मनाया जाएगा इस दौरान जुलूस निकालने के साथ भी भंडारा भी किया जाएगा।
हिंदू एकता मंच ने निकला वाहन जुलूस
काली मंदिर जुमेराती समिति के आह्वान से काली मंदिर से गुरुवार दोपहर 12 बजे जुलूस निकाला जिसमें करीब चार सौ से अधिक दो और चार पहिया वाहन शामिल रहे। जुलूस काली मंदिर से शुरू होकर बसंत टॉकीज, जयस्तंभ चौक, सतरस्ता, जिला जेल, कोठी बाजार, मुख्य बाजार होते हुए वापस काली मंदिर पहुंचा। यहां मंगलवारा घाट पर हनुमान मंदिर पर ध्वज चढ़ाने के बाद जुलूस का समापन हुआ। जुलूस में पं. सोमेश परसाई, समिति के अध्यक्ष रूपेश सोनी, उपाध्यक्ष दीपू पालीवाल, मनीष दुबे, आशुतोश शर्मा, नगर ब्लॉक अध्यक्ष अज्जू सैनी आदि उपस्थित रहे।
Published on:
19 Apr 2019 05:26 pm
बड़ी खबरें
View Allहोशंगाबाद
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
