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विरोध जताकर सरकार को याद दिलाया घोषणा पत्र का वचन

लिपिक कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन

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विरोध जताकर सरकार को याद दिलाया घोषणा पत्र का वचन

विरोध जताकर सरकार को याद दिलाया घोषणा पत्र का वचन

हरदा. मप्र लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ एवं राजस्व कर्मचारी संघ के द्वारा प्रांतीय निकाय के आह्वान पर मंगलवार को मुख्य सचिव मप्र शासन के नाम एसडीएम एचएस चौधरी को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही सरकार के खिलाफ विरोध जताया। संघ के जिलाध्यक्ष संतोष शुक्ला ने बताया कि विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस सरकार के वचन पत्र के बिन्दु क्रमांक 47-20 में वचन दिया गया था। लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को सरकार बनने के बाद वेतन विसंगति दूर कर उन्हें शिक्षकों के समान वेतनमान एवं ग्रेड पे दिया जाएगा। लेकिन सरकार द्वारा अभी तक इस संबंध में कोई वचन पूर्ण नहीं किया गया है। इसके पूर्व तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा भी लिपिकों की वेतन विसंगति दूर करने के लिए रमेशचन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में हाई पॉवर समिति गठित की गई थी। उक्त समिति द्वारा लिपिकों के हित में 23 सूत्रीय अनुशंसा की गई थी, जिसे तत्कालीन सरकार द्वारा लागू नहीं किया गया। कांग्रेस ने लिपिकों की मांगों को अपने वचन पत्र में शामिल किया गया, किंतु आज पर्यंत उस वचन पर कार्यवाही नहीं की गई। इससे व्यथित होकर जिले के लगभग 35 विभागों में कार्यरत् लिपिकों द्वारा मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन एसडीएम चौधरी को सौंपा गया। ज्ञापन देते समय लिपिक संघ के दिनेश बागरे, जीपी राठौर, दातारसिंह चौहान, एसएन कोषा, अतुल रघुवंशी, आरसी अम्बे, पवन विरहा, संजय जोशी, अनिल सातनकर, राकेश निशानिया, सौरभ कुरेशिया, मनोज वर्मा, शुभंग पाठक, शरद व्यास आदि लिपिक उपस्थित थे।