
ग्रामीणों ने की बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग
सोहागपुर. एक पखवाड़े तक सोहागपुर के बफर जोन क्षेत्र में बाघिन की चहलकदमी रही। जिसके कारण एसटीआर के अमले द्वारा लगातार बाघिन की गश्ती की गई। इस दौरान किसानों को खेतों में न जाने की सलाह एसटीआर प्रबंधन ने दी थी। किसान खेत नहीं गए और अब जब बाघिन के रेस्क्यू के बाद किसानों ने खेतों का रुख किया तो पाया है कि फसलों का बड़ा हिस्सा अन्य शाकाहारी जीवों ने बर्बाद कर दिया है। ग्रामीणों ने गुरुवार को सोहागपुर तहसीलदार के नाम नायब तहसीलदार रेखा गुजरे को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने आदिवासी नेता सियारखेड़ा ग्राम निवासी तुलसीराम भल्लावी के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा है तथा ज्ञापन में बर्बाद हुई फसल का सर्वे करने तथा नुकसान के बदले मुआवजा दिलोन की मांग की है। इस दौरान तुलसीराम भल्लावी व उदयसिंह, रामलाल, धनराज, कलीराम, भगवानदास, सरदार सिंह, सोमती बाई आदि सहित करीब दो दर्जन किसान उपस्थित थे।
किसानों ने योजना का लाभ लेने से इंकार किया
पचमढ़ी. पचमढ़ी आदिवासी अंचल के किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना में केसीसी के माध्यम से मिलने वाले कृषि लोन लेने से इंकार कर दिया। पचमढ़ी ग्रामीण बैंक पहुंचे ७ गांव के किसानों ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त संसाधन ही नहीं है हम लोन लेकर क्या करेंगे। किसानों ने कहा कि पर्याप्त बिजली नहीं है इन हालात में प्रधानमंत्री योजना के तहत लोन लेकर हम क्या करेंगे कर्ज कैसे चुकाएंगे। नांदिया, गुटखेड़ा, सूपडोंगर, चोरनी, सांकरी एवं अन्य गांव के किसानों ने संसाधनों का अभाव बताते हुए कहा सिंगल बत्ती कनेक्शन है खेती के लिए कैसे सिंचाई के संसाधन उपयोग करेंगे। शाखा प्रबंधक अजय जायसवाल ने बताया कि बैंक लोन देने तैयार है, लेकिन किसानों ने असहमति जताई है। बिजली विभाग के अनुसार चार से छह घरों का टोला है छह से सात घर है यहां पावर उपकरण नहीं लगाए जा सकते।
Published on:
28 Feb 2020, 3:03 AM IST
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