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खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत इस कोर्ट ने सुनाया प्रदेश का पहला फैसला

इटारसी कोर्ट की प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट स्वाति निवेश जायसवाल ने सुनाया फैसला

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allahabad High court

इलाहाबाद हाईकोर्ट

होशंगाबाद। दुकान से मिलावटी-अवमानक गुटखा बेचने वाली दुकानदार मोहन देवानी पिता व्यापारीमल देवानी को इटारसी कोर्ट की प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट ने कड़ी सजा सुनाई है। 6 साल बाद आरोपी दुकानदार को ६ माह की सजा और 2.5 लाख का जुर्माना लगाया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने बताया कि इटारसी के गौरव प्रोविजन में 18 मार्च 2013 में उनके नेतृत्व में कार्रवाई की थी। दुकान में प्रतिबंध के बाद भी राजश्री गुटखा को बिना किसी डर के बिक्री की जा रही थी। जिसमें टीम ने 70 पैकेट गुटखा के जब्त किए थे। इसमें राजश्री के 68, विमल गुटका के 3 पैकेट दुकान से जब्त किए गए थे। खाद्य विभाग ने जब्त किए गए गुटखों की जांच के लिए सैंपल भेजे थे। जिसकी रिपोर्ट में राजश्री गुटखा आवमानक, असुरक्षित, जिसमें तंबाकू तथा मेगनेशियम कार्बोनाइट की उपस्थिति पाई गई थी। गुटखा मिथ्या छाप भी पाया गया था। इसके कारण आरोपी दुकानदार को कोर्ट ने सजा सुनाई है।
इन धाराओं के तहत हुई सजा-
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की 2006 की धारा 51 के तहत एक लाख रूपए जुर्माना और 15 दिन का सश्रम कारावास
धारा 52 (1) 50 हजार का जुर्माना दस दिन की सश्रम कारावास
धारा 58 के तहत 30 हजार का जुर्माना, पांच दिन का सश्रम कारावास
- धारा 59(1)तीन माह सश्रम कारावास, 50 हजार जुर्मानाव 10 दिन की सश्रम कारावास है।
जुर्माना नहीं भरने पर होगी 46 दिन की जेल
खाद्य विभाग ने यह कार्रवाई 18 मार्च 2013 को की थी। कार्रवाई के दौरान प्रतिबंध होने के बाद भी दुकान से गुटखा बिक्री करते पाया गया था। अगर २.५ लाख का जुर्माना दुकानदार नहीं भरता है, तो तीन माह के अतिरिक्त 46 दिनों तक जेल में रहना पड़ सकता है।
- शिवराज पावक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी