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किसानों के लिए अच्छी खबर: एजोला और पिस्टिया से बनेगी जैविक खाद और फफूंद नाशक

नर्मदा की लहरों से एजोला और पिस्टिया निकालकर किया जाएगा उपयोग

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किसानों के लिए अच्छी खबर: एजोला और पिस्टिया से बनेगी जैविक खाद और फफूंद नाशक

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नर्मदापुरम/नदी तालाबों पर फैली एजोला और पिस्टिया के लिए अक्सर हम लोग कचरा मानते हैं, लेकिन यह किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। दरअसल जिले हम लोग कचरा मानते हैं उसी से किसान जैविक खाद और फफूंद नाशक बना सकते हैं। इन दिनों नर्मदा से निकाली जा रही एजोला और पिस्टिया से का कृषि कार्य के लिए जैविक पेस्टिसाइड, टॉनिक एवं फफूंद नाशक, जैविक खाद बनाने में किया जाएगा। ताकि किसान जैविक खेती की ओर बढ़ सकें। जलीय पिस्टिया एवं एजोला निकलने का कार्य अभी जारी रहेगा। माखन नगर में नर्मदा पुरम आयुक्त माल सिंह , कलेक्टर नीरज सिंह, जिला सीईओ मनोज सरेआम के निर्देश पर जनपद सीइओ माखन नगर के नेतृत्व में जनपद परिवार, सचिव संगठन, रोजग़ार सहायक एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ , एवं जन अभियान परिषद सदस्यों द्वारा चौकाघाट गनेरा में पिस्टिया एवं एजोला निकालने का कार्य एवं घाट की सफाई की। सफाई में पिस्टिया एवं एजोला एकत्रित किया गया एवं जिसे ग्राम पंचायत की सहमति से हरिकृष्ण नायक, उपयंत्री जनपद पंचायत द्वारा खरीदा गया। उक्त बिक्री राशि ग्राम पंचायत को दी जाएगी।

2 किमी क्षेत्र की एजोला निकाली गई
पुस्तिया एवं एजोला ट्रॉली से माखन नगर भेज गया। सफाई अभियान प्रात: 09 बजे प्रारम्भ हुआ एवं 2 किमी एवं 50 मी चौड़ाई औसतन में सफाई की गई। सफाई अभियान में संदीप डावर, सीईओ, हरिकृष्ण नायक उपयंत्री, राजू रैकवार , पीसीओ, हीरालाल गोस्वामी, नसीराबाद सरपंच कल्लू यादव, उपसरपंच जगदीश यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। उपरोक्त पिस्टिया एजोला का उपयोग विक्रांत चौहान के सलाह पर हरिकृष्ण नायक उपयंत्री की देखरेख में यह एजोला निकाली गई।

विवेकानंद घाट सहित आधा दर्जन तटों पर हटाई जलकुंभी
जिले के नर्मदा घाट-तटों पर स्वयंसेवियों ने नर्मदा में फैली जलकुंभी हटाने अभियान चलाया। भारी मात्रा में पानी में जमा जलकुंभी से प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। इसे साफ करने में समय लगेगा। समय रहते इसकी सफाई हो जाती तो इतनी मात्रा व क्षेत्र में यह खरपतवार नहीं फैलती। रविवार को जिले के नर्मदा तट पामली, भटगांव, पर्रादेह, हासलपुर, भानपुर सहित सोहागपुर के ग्राम अजेरा व रेवा बनखेड़ी तट पर स्वयंसेवियों, पौधरक्षकों व नर्मदा परिवार के सदस्यों ने मिलकर श्रमदान किया। नर्मदा के जल में जमा जलकुंभी को बाहर निकालकर साफ किया। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक राजेश सिसौदिया ने बताया कि नर्मदा तट-घाटों पर भारी तादात में जलकुंभी जमा हो गई है। इसे स्वयंसेवियों, ग्राम पंचायत, ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ता सहित प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों के व्दारा साफ किया जा रहा है।

पौधों की नर्मदा जल से की सिंचाई
इधर, रविवार को अंकुर अभियान के तहत लगाए गए पौधों को भी नर्मदा जल से सींचा गया। खाद भी दी गई। इसमें नगर विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्य विवेकानंद घाट पर पौधों की देखभाल में जुटे हुए हैं। यहां करीब 560 पौधे पिछले दिनों लगाए गए हैं। इनकी रोजाना देखभाल की जा रही है। तार फेंसिंग से भी पौधों को कवर्ड कर सुरक्षित किया जा रहा है।