
पहले लोगों ने बनाया आशियाना, अब इंडियन रेलवे खुद हटाएगी, यह है कारण
होशंगाबाद। शहर के ग्वालटोली इलाके में निर्माणाधीन अंडरब्रिज को बरसात के पहले तैयार किया जाना है। अंडरब्रिज के दूसरे छोर पर करीब दो दर्जन मकान बने हैं। यह मकान अंडरब्रिज से निकलने वाली सड़क के रास्ते पर हैं। रेलवे ने इन मकानों को हटाने के लिए करीब चार महीने पहले नोटिस दिए थे। अब रेलवे जून महीने की शुरूआत के पहले ही उन मकानों को खुद ही हटाने की योजना बना रही है। रेलवे की इस कार्यवाही की भनक लगने के बाद से यहां रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
छह माह पहले दिए थे नोटिस
रेलवे ने ग्वालटोली अंडरब्रिज से सड़क बनाने रास्ते में आ रहे करीब 25 परिवारों को नोटिस दिए थे। इन परिवारांे को रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा था। करीब तीन दशक से इस क्षेत्र में रह रहे यह सभी परिवार अब भी अपनी जगह पर काबिज हैं। इन परिवारों का तर्क है कि वे बरसों से यहां रह रहे हैं और उनके पास शासन के पट्टे हैं।
पांच करोड़ से बन रहा है अंडरब्रिज
ग्वालटोली इलाके में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से अंडरब्रिज तैयार हो रहा है। पुलिया का पूरा काम हो चुका है। अब बस आवागमन के लिए सड़क तैयार होना है। अंडरब्रिज के दूसरे छोर पर बाजार वाले क्षेत्र को जोडऩे के लिए सड़क निर्माण का काम जल्द चालू हो जाएगा। अंडरब्रिज के ग्वालटोली वाले छोर पर ही रेलवे को विवादों का सामना कर पड़ सकता है।
यहां लोग कई सालों से रह रहे हैं। उनके पास पट्टे भी हैं। रेलवे उन्हें जबरन अतिक्रमणकारी मान रही है। जो मकान रेलवे हटाती है उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी होना चाहिए।
जीजी बाई, पार्षद वार्ड
हमने पहले ही नोटिस दे दिए थे मगर अब तक रेलवे की जमीन से अतिक्रमण नहीं हटे हैं। अब रेलवे इस महीने के अंत तक खुद ही उनको हटाने की कार्रवाई चालू करेगी।
एमके सोनी, एडीईएन भोपाल
Published on:
21 May 2019 01:22 pm
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