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रातभर पुलिस और फारेस्ट जवानों के साए में रहा महुआ पेड़, रविवार सुबह से कोई छू तक ना सका

पेड़ के 300 मीटर में लगाई तार फेंसिंग

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रातभर पुलिस और फारेस्ट जवानों के साए में रहा महुआ पेड़, रविवार सुबह से कोई छू तक ना सका

रातभर पुलिस और फारेस्ट जवानों के साए में रहा महुआ पेड़, रविवार सुबह से कोई छू तक ना सका

पिपरिया। कड़ी मशक्कत के बाद रविवार सुबह से पुलिस प्रशासन और फारेस्ट विभाग ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व स्थित महुआ पेड़ तक लोगों को पहुंचने से रोका। बता दें पेड़ को छूने बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। रविवार को भी सुबह से मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से लोग दो पहिया और चार पहिया वाहनों से पिपरिया पहुंचे। लेकिन पेड़ के पास कड़ी चौकसी होने के कारण लोग पेड़ के पास तक नहीं पहुंच सके।
300 मीटर में की फेंसिंग
बता दें पेड़ के लोगों को पहुंचने से रोकने के लिए पेड़ के 300 मीटर के दायरे में तार फेंसिंग कर दी गई है। तार फेंसिंग का यह काम शनिवार शाम से शुरू कर दिया गया था, यह काम रातभर चला और इसे रविवार सुबह तक पूरा कर लिया गया। किसी तरह यहां तक पहुंचे लोगों को पुलिस ने फेंसिंग के पास से खदेड़ दिया।

यह रहे तैनात
एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी, तहसीलदरा राजेश बैरासी, एसडीओपी रणविजय सिंह, टीआई सतीश कुमार अंधमान स्टेशनरोड थाना, टीआई प्रवीण कुमरे मंगलवारा थाना, एसडीओ फारेस्ट लोकेश निरापुरे सहित पुलिस राजस्व और फारेस्ट का अमला पेड़ के पास तैनात रहा।

सुरक्षा में तैनात थे सिर्फ 10 पुलिसकर्मी:

13 नबंवर को जिस दिन महुआ पेड़ के पास भीड़ ने पुलिस पर हमला किया, उस दौरान १० पुलिसकर्मी बिना सुरक्षा बंदोबस्त के तैनात थे। घटना के बाद कलेक्टर ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान उपद्रव करने वाले आरोपियों को छोड़कर इसमें व्यवस्थाओं को लेकर जांच को पूरी तरह से केंद्रित किया है। भविष्य में किसी भी तरह की भीड़ की स्थिति में कोई गलती नहीं हो सके। एडीएम केडी त्रिपाठी ने बताया कि जांच में सभी कारणों का पता लगाया जाना है। 22 नवंबर तक मौखिक तौर पर भी जानकारी या सुझाव स्वीकार होंगे। एसपी एमएल छारी ने कहा कि न्यायिक जांच का पुलिस विभाग स्वागत करता है। यह जांच किसी को निर्दोष या दोषी सिद्ध करने नहीं है। इसे सिर्फ व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए किया जा रहा होगा,जिससे जो भी व्यवस्थाओं में कमी है, उसे जांच के बाद पूरा किया जा सके।