
महुआ पेड़ मामले की होगी मजिस्ट्रियल जांच, कलेक्टर ने दिए आदेश, यह है पूरा मामला
पिपरिया। पिपरिया बनखेड़ी सीमा से सटे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व स्थित बहुचर्चित महुआ पेड़ पर उमडऩे वाली भीड़ और पिछले दिनों थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों पर उपद्रवियों का जानलेवा हमला किए जाने की घटना के बाद जिला दंडाधिकारी ने अपर जिला दंडाधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। अपर जिला दंडाधिकारी केडी त्रिपाठी ने महुआ पेड़ की जांच के लिए आम सूचना जारी कर मौखिक लिखित तथ्य तलब किए हैं। यह मजिस्ट्रियल जांच 22 नवंबर तक पूर्ण कर जिला दंडाधिकारी को सौंपी जाएगी। इस जांच के बाद ही इस घटनाक्रम को लेकर किसकी लापरवाही है यह तय होगा। उल्लेखनीय है कि नवरात्रि से प्रारंभ महुआ पेड़ दर्शन के लिए लोगो की भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही। पुलिस दल पर जानलेवा हमले के बाद स्थानीय दंडाधिकारी ने नयागांव, कोड़ा पडरइ और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व स्थित महुआ पेड़ कंपाउंड 351 को अधिसूचित क्षेत्र घोषित कर धारा 144 लागू कर दी है। उसके बाद भी लोग वैकल्पिक मार्गो जंगलों ग्रामों की सीमाओं से वन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने बताया कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं अपर कलेक्टर के साथ इस मामले को लेकर जो भी तथ्य होंगे उससे अपर जिला दंडाधिकारी को अवगत कराया जाएगा।
एसडीएम ने कलेक्टर को सौंपा था प्रतिवेदन
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के वफर जोन में कथित चमत्कारिक महुआ पेड़ और उससे उत्पन्न हालातों पर शुक्रवार को एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने अपना प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को भेजा था। जिसमें साफ लिखा है कि पुलिस पर हमले के बाद धारा 144 लगाने का भी लोगों पर कोई असर नहीं हो रहा है। अब भी बड़ी संख्या में वहां लोग पहुंच रहे हैं। वन विभाग ने भी उन्हें रोकने के कोई प्रयास नहीं किए हैं। इन हालातों में वहां किसी भी दिन अप्रिय घटना हो सकती है। इसलिए वन अफसरों से चर्चा कर वहां तार फेंसिंग कराई जाना चाहिए। अब इस प्रतिवेदन के बाद कलेक्टर अगला कदम उठाएंगे। साथ ही लोगों के प्रवेश नहीं रोकने पर सहायक संचालक को भी पत्र लिखा है।
पुलिस ने नयागांव सीमा में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है, लेकिन पैदल लोग पेड़ तक पहुंच रहे हैं। एसडीएम ने निरीक्षण के बाद अपना प्रतिवेदन कलेक्टर को भेज दिया। जिसमें कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में लोगों का आवागमन बंद नहीं हुआ है इसलिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आमजन के प्रवेश को रोकने निर्देशित किया जाए। सहायक संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को लिखे पत्र में प्रवेश नहीं रोकने पर वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे के बारे में बताया है।
साथ ही वन विभाग के असहयोगात्मक रवैये का जिक्र करते हुए एसडीएम ने पत्र में कहा है कि कोई भी क्षति होती है तो इसका संपूर्ण दायित्व वन विभाग एवं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को होगा।
हमले के बाद पुलिस गश्त बढ़ाई
पुलिस पर हमले के बाद इस क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। टीआई एसके अंधमान दो दर्जन पुलिस कर्मियों के साथ नदी किनारे गश्त कर रहे हैं। जंगल एवं गांव के अन्य रास्तों से पहुंचने वाले लोगों को खदेड़ा जा रहा है। एसडीओ लोकेश निरापुरे ने बताया कि पेड़ के पास जंगल क्षेत्र में मजबूत तार फेंसिंग के लिए गडढे करवाने शुरु कर दिए हंै।
कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित करने कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा है वही एसटीआर सहायक संचालक को भी वस्तु स्थिति से अवगत कराया है। स्थिति सामान्य बनाने के प्रयास कर रहे हंै।
मदन सिंह रघुवंशी, एसडीएम
Published on:
16 Nov 2019 12:24 pm
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