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रेलवे पास में बड़ा बदलाव, रेलकर्मी के ३३ साल तक के बच्चों के जुड़ेंगे नाम

जबलपुर जोन के १० हजार बच्चों को मिलेगी सुविधा  

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होशंगाबाद। रेलवे ने अपने रेल कर्मचारियों को दिए जाने वाले यात्रा संबंधी पास सिस्टम में एक बड़ा बदलाव कर दिया है। रेलवे ने रेलकर्मी परिवार के बच्चों के लिए मुफ्त यात्रा की सीमा के लिए तय किए गए उम्र संबंधी प्रतिबंध को शिथिल कर दिया है। रेलवे ने पास में अब तक २१ वर्ष तक की आयु के पुत्र या पुत्री का ही नाम देने का नियम बना रखा था। अब रेलकर्मी पास में अपने ३३ साल तक के बच्चे का नाम जुड़वा सकेंगे। रेलवे ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। रेलवे की इस नई पहल का लाभ जबलपुर जोन में काम करने वाले कर्मचारियों के करीब १० हजार बच्चों को होगा।

पहले यह था सिस्टम

रेलवे में यात्रा संबंधी पास जारी कराने के लिए रेलकर्मी को अपना नाम, पता, आयु, विभाग और पसंदीदा रूट का हवाला देना होता था। इसी के समानांतर रेलकर्मी को अपने उन बच्चों का नाम, पता सहित अन्य जानकारी भी देना होती थी जिनकी आयु २१ वर्ष तक की है। यह जानकारी मिलने के बाद रेलवे उसी के आधार पर पास इश्यू कर देती है। इस पास के माध्यम से रेलकर्मियों के बच्चे जहां चाहे वहां की यात्रा कर सकते हैं।

२२ साल बदला नियम

रेलवे बोर्ड ने करीब २२ साल बाद इस नियम में बदलाव किया है। रेलकर्मियों के सामने यह दिक्कत थी कि जब उनके पुत्र या पुत्रियों की नौकरी या इंटरव्यू का समय आता था तब तक वे २१ साल की आयु पार कर लेने की वजह से घर में मौजूद रेलवे पास का उपयोग नहीं कर पाते थे। अब रेलवे पास में आयु का विस्तार ३३ वर्ष होने के निर्णय ने उनका तनाव दूर कर दिया है। अब वे रेलवे पास का उपयोग प्रतियोगी परीक्षा, इंटरव्यू या घूमने-फिरने जाने में कर सकेंगे।

१५ हजार बच्चे होंगे लाभान्वित

जबलपुर जोन में करीब ६० रेल कर्मचारी हैं। इन सभी रेलकर्मियों को रेलवे द्वारा पास जारी किया जाता है। इन ६० हजार कर्मचारियों के परिवारों में ३३ साल की आयु के बच्चों की संख्या करीब १ चौथाई भी मानें तो यह आंकड़ा करीब १५ हजार का होता है। रेलकर्मियों के इन १५ हजार बच्चों में से ५ हजार बच्चे यदि कतिपय कारणों से रह भी जाते है तो भी १० हजार बच्चों को अब इस नई व्यवस्था से मुफ्त में यात्रा करने की सुविधा मिल सकेगी। रिटायर्ड रेलकर्मी अरुण मालवीय बताते हैं कि रेलवे का यह निर्णय उन बच्चों के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे हैं और दूरदराज के सेंटरों पर परीक्षा देने जाएंगे।

किसने क्या कहा

रेलवे पास में रेलकर्मी के बच्चे की आयुसीमा २१ वर्ष से बढ़ाकर ३३ वर्ष कर दी है। इस बदलाव से जोन के हजारों बच्चों को फायदा होगा। इस आदेश पर अमल के लिए रेलवे ने सभी जोन औ मंडल प्रबंधकों को पत्र जारी कर दिया है।

मुकेश गालव, महामंत्री डब्ल्यूसीआरईयू

रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। बोर्ड के आदेश के हिसाब से जल्द से जल्द काम प्रारंभ किया जाएगा।

प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ जबलपुर