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रचा इतिहास: 48 साल बाद जिले की पहली आदिवासी छात्रा मैरिट में

प्रशासनिक अधिकारी बनने का है सपना

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होशंगाबाद। हाई स्कूल और हायर सेकंडरी बोर्ड परीक्षा में 10वीं के 3 छात्रों ने टॉप 10 में जगह बनाई। वहीं कला संकाय में टिमरनी के बारजा गांव की छात्रा ने भी अपना स्थान प्राप्त किया है। टिमरनी की इस सरकारी स्कूल के 48 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी आदिवासी छात्रा ने प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान पाया। हाई स्कूल की परीक्षा में राधा स्वामी हाई स्कूल टिमरनी के छात्र मेहर प्रतीक पिता डॉ. पीए कालरा, सरस्वती शिशु मंदिर हरदा के छात्र मुदित शकरगाए, खामापड़वा गांव की सरकारी हाई स्कूल में पढऩे वाले सुखरास निवासी गोविंद पिता महेश सहित हायर सेकंडरी के नतीजों में टिमरनी तहसील के बारजा गांव की कीर्ति पिता भंवरसिंह ने मेरिट में नाम नाम दर्ज कराया। शनिवार देर शाम भोपाल माशिमं से शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संबंधितों को सूचना दी। शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया चारों विद्यार्थी रविवार दोपहर भोपाल के लिए रवाना होंगे। प्रदेश की मेरिट में आए इन विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान व स्कूल शिक्षा मंत्री आज इन्हे सम्मानित करेंगे। टिमरनी की शासकीय गल्र्स स्कूल की 12वीं की छात्रा कीर्ति को जब मेरिट में आने की जानकारी दी तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ।

प्रशासनिक अफसर बनना चाहती है कीर्ति
आदिवासी छात्रा ने ४८ साल बाद मैरिट में आने पर इतिहास रचा है। टिमरनी की सरकारी गल्र्स हायर सेकंडरी स्कूल में पढऩे वाली छात्रा कीर्ति भंवरसिंह कलम ने हायर सेकंडरी की परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान हासिल किया है। छात्रा की माता शारदा बाई व पिता दोनों ही मजदूरी करते हैं। पढ़ाई के अलावा छुट्टी के दिनों में और समय मिलने पर वह भी मजदूरी करने जाती है। अब वह प्रशासनिक सेवा में अफसर बनकर समाजसेवा करना चाहती है। सालभर परिश्रम किया लेकिन मेरिट में आने का विश्वास नहीं था। संस्था के प्राचार्य मुकेश तिवारी ने बताया संस्था स्थापना के बाद 48 साल में पहली बार इस सरकारी स्कूल से किसी आदिवासी छात्रा ने मेरिट में स्थान पाकर अंचल का नाम रोशन किया है।