11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जा रहे हैं नर्मदा स्नान करने तो जरा ध्यान दें

नर्मदा का पानी होशंगाबाद में नहाने लायक नहीं, अमरकंटक में है शुद्ध

2 min read
Google source verification
marmada polution

Narmada River Latest News in Hindi Narmada River

होशंगाबाद। जीवनदायनी नर्मदा नदी प्रदूषण की गिरफ्त में है। सबसे ज्यादा प्रदूषण भी कहीं ओर नहीं होशंगाबाद में हो रहा है। यहां नर्मदा का पानी पीना तो छोडि़ए, स्नान (नहाने) लायक तक नहीं बचा है। यह खुलासा खुद केंद्र सरकार ने किया है। राहत की बात यह है कि नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक का पानी पूरी तरह शुद्ध और साफ पाया गया है। लोकसभा में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने भाजपा सांसद प्रहलाद पटेल के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार होशंगाबाद शहर के निचले भाग में नर्मदा जल का स्तर सबसे खराब है। यहां पर जैव रसायन ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), जो कार्बनिक प्रदूषण का मुख्य संकेतक है कि दृष्टि से जल की गुणवत्ता नहाने के लायक मानक के अनुरूप नहीं है। एेसी स्थिति सिर्फ गुजरात के चंदोद तालुक में पायी गई है। गुजरात में अन्य सभी स्थानों पर पानी की गुणवत्ता नहाने के मानकों के अनुरूप पाई गई। नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में पानी की गुणवत्ता सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई है। शर्मा ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से मध्यप्रदेश और गुजरात के २६ स्थानों पर नर्मदा नदी के पानी की गुणवत्ता की निगरानी करता है।

IMAGE CREDIT: Narmada River Latest News in Hindi Narmada River

इसलिए है सर्वाधिक प्रदूषित
होशंगाबाद शहर का पूरा सीवेज नालों के माध्यम से नर्मदा नदी में मिल रहा है। इस कारण यहां का पानी सर्वाधिक प्रदूषित पाया गया। नगर पालिका शहर के जागने से पहले ही नर्मदा में सीवेज छोड़ देती है। शहर के १८ गंदे नालों को पानीे नर्मदा नदी में मिल रहे हैं। इसी तरह नर्मदा नदी में १६ जिलों के लगभग १०२ नालों का गंदा पानी सीधे मिल रहा है। जिससे प्रदूषण हो रहा है। नदी में अवैध रेत उत्खनन भी प्रदूषण की प्रमुख वजह है।

यह हो रहे जतन
नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार प्रयत्नरत है। होशंगाबाद में १५८ करोड़ का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्वीकृत किया है। आदमगढ़ में यह प्लांट बनेगा, जिसकी क्षमता २० एमएलडी होगी। यह प्लांट नाले के गंदे पानी को स्वच्छ करेगा। सरकार ने नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने नर्मदा सेवा यात्रा निकाली थी, जिसमें छह करोड़ से अधिक पौधे नर्मदा किनारे लगाए गए हैं। नर्मदा किनारे के शहरों के नगरीय निकायों ने नदी में साबुन से स्नान करने, मवेशियों को नहलाने और कपड़े धोने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।