
now the train manager will be called indian railway guard
इटारसी। यात्री ट्रेनों में पिछले डिब्बों में लालटेन और हरी झंडी दिखाने वाले ट्रेन गार्ड को बहुत जल्द अब भारतीय रेलवे में नई पहचान मिलेगी। इन ट्रेन गार्ड को अब रेलवे ट्रेन मैनेजर का नाम देने वाली है। रेलवे बोर्ड ने इस पर सहमति भी जता दी है। यह बड़ा बदलाव नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन की मांग पर होने जा रहा है। जबलपुर जोन के सैकड़ों ट्रेन गार्ड्स को जल्द ही नए पदनाम के साथ पहचाना जाएगा।
एनएफआईआर ने की थी मांग
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन ने कुछ माह पहले रेलवे बोर्ड की बैठक में ट्रेन संचालन की बड़ी जिम्मेदारी निभाने वाले ट्रेन गार्ड का पदनाम बदलने संबंधी प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव में कहा गया था कि ट्रेन के संचालन की पूरी जिम्मेदारी गार्ड पर होती है यानी की वह ट्रेन संचालन का पूरा प्रबंधन देखता है इसलिए उसका पदनाम ट्रेन मैनेजर किया जाना चाहिए। बोर्ड में कई दिनों तक इस प्रस्ताव पर विचार के बाद बोर्ड ने भी इस पर सहमति जता दी है। जल्द ही सभी जोनों में पदनाम बदलने के आदेश पहुंच जाएंगे।
जोन में करीब 2000 गार्ड
पश्चिम मध्य रेल जबलपुर जोन में करीब 2000 गार्ड हैं। इन सभी की ट्रेन में बतौर ट्रेन गार्ड ही ड्यूटी लगती है। बोर्ड के उक्त प्रस्ताव पर सहमति जताने के बाद जल्द ही जोन के इन सभी गार्ड्स को अब एक नया पदनाम मिल जाएगा। जोन में कार्यरत गार्डों ने इसे एक अच्छा निर्णय बताया है। अभी यह नाम सुनकर ऐसा लगता है जैसे कोई सुरक्षाकर्मी ट्रेन में चल रहा हो।
किसने क्या कहा
हमारे वरिष्ठ संगठन एनएफआईआर की तरफ से यह डिमांड बोर्ड के सामने रखी थी। बोर्ड स्तर पर चर्चा के बाद ट्रेन गार्ड का पदनाम बदलने की जानकारी मिली है। इस निर्णय से जबलपुर जोन के करीब 2000 ट्रेन गार्ड ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे।
राजेश पांडे, मंडल अध्यक्ष डब्ल्यूसीआरएमएस भोपाल
पिछले दिनों एनएफआईआर ने यह प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा था। बोर्ड ने इस पर सहमति जता दी है। बोर्ड ने ट्रेन गार्ड की जगह ट्रेन मैनेजर नाम पर सहमति दे दी है। जल्द ही सभी जोनों को इस संबंध में आदेश भी जारी करने के लिए कहा है।
एम राघवैया, जनरल सेकेट्री एनएफआईआर दिल्ली
Published on:
19 May 2018 08:00 am
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