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बड़ी खबर : स्कूलों के बिजली बिल भी भरेंगी पंचायतें और नगरीय निकाय

स्कूलों में लगेगा कनेक्शन, शिक्षा उपकर से लगाई जाएगी बिजली

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Panchayats and urban bodies fill the electricity bill of schools

Panchayats and urban bodies fill the electricity bill of schools

राहुल शरण/इटारसी। अब तक नगरीय निकाय और ग्राम पंचायतें शिक्षा उपकर के नाम पर राशि वसूलकर अपनी जेब भरते आए हैं। यह राशि स्कूलों में बिजली, पानी और सफाई जैसी जरुरतों पर भी खर्च नहीं होती है मगर अब ऐसा नहीं होगा।
जिले के जिन शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में बिजली नहीं है या फिर जिन स्कूलों में बिजली कनेक्शन बिल नहीं भरने की स्थिति में कटे हुए हैं उनमें इस साल बिजली पहुंचने की उम्मीद है। राज्य शिक्षा केंद्र ने ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों द्वारा वसूली जाने वाली शिक्षा उपकर की राशि का उपयोग इस मद में करने का मन बनाया है। राज्य शिक्षा केंद्र से जारी आदेश पर यदि कोई बहुत बड़ा विरोध नहीं हुआ तो सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में बिजली बिल और पानी के देयकों के भुगतान की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों पर आ सकती है।

यह जारी किया आदेश :

राज्य शिक्षा केंद्र तक शिक्षा उपकर की राशि के समुचित उपयोग नहीं होने की निरंतर शिकायतें पहुंच रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेती हुए राज्य शिक्षा केंद्र कार्यालय ने २३ दिसंबर 2017 को पत्र क्रमांक/ राशिके/वित्त/९०९३ से जारी आदेश में कहा है कि नगरीय प्रशासन विभाग और पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग शिक्षा उपकर के नाम पर लाखों रुपए की राशि वसूलता है मगर उसका उपयोग स्कूलों में बिजली, पानी, सफाई आदि पर खर्च नहीं करता है। शिक्षा उपकर की राशि को उसी वर्ष में खर्च किए जाने का प्रावधान हटा दिया गया है जिससे अब ये विभाग उस राशि से उन स्कूलों के बिजली बिलों का भुगतान भी कर सकते हैं। राज्य शिक्षा केंद्र ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग भोपाल और पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग भोपाल को इस संबंध में उचित कार्यवाही करने के लिए पत्र भी भेज दिया है।
इन बिंदुओं पर जारी किए निर्देश
ठ्ठ शिक्षा उपकर की राशि को विद्यालयों की जरुरत पर खर्च करने परिषद की स्वीकृति लेना होगी।
ठ्ठ शिक्षा उपकर की राशि में से कुछ राशि खर्च होने पर बकाया राशि अगले वित्तीय वर्ष के लिए कैरी फॉरवर्ड होगी।
ठ्ठ शाला परिसर और शौचालयों की नियमित सफाई कराना।
ठ्ठ स्वच्छ पेयजल, बाउंड्रीवॉल, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, भवन निर्माण आदि।
ठ्ठ विद्युत सुविधा देने एवं बिजली बिल भुगतान करना।
ठ्ठ नगरीय क्षेत्र की शालाओं में पके हुए भोजन के परिवहन पर खर्च करना।
स्कूलों में है कई समस्याएं
मप्र शिक्षक संगठन जिला प्रवक्ता राजकुमार दुबे का कहना है कि सरकारी प्रायमरी व माध्यमिक स्कूलों में बिजली, पानी, शौचालय आदि समस्याएं हैं। इस व्यवस्था का यदि सही पालन हुआ तो स्कूलों में अच्छी सुविधाएं होंगी।

&शिक्षा उपकर की राशि का स्कूलों के विद्युत देयकों के भुगतान, बिजली की व्यवस्था करने सहित अन्य जरुरी कामों पर खर्च के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल व पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग भोपाल को सूचित कर आदेश पर अमल कराने के लिए कहा गया है।
एलके जाटव, संचालक राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल
&इस संबंध में आदेश आए हंै। अब यह नगरीय निकायों व पंचायतों पर निर्भर है कि वे बच्चों के हित में कितनी गंभीरता से काम करती हैं।
एसएस पटेल, डीपीसी , होशंगाबाद