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पीएम और सीएम की योजना से वंचित गांवों में 8 करोड़ खर्च कर मनरेगा से बनेगीं सड़कें

जिले के 12 रोड चिन्हित, बारिश के बाद पहले चरण में नौ बनेंगे

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पीएम और सीएम की योजना से वंचित गांवों में 8 करोड़ खर्च कर मनरेगा से बनेगीं सड़कें

मनोज कुंडू/होशंगाबाद. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के दायरे से बाहर होने के कारण छूटे जिले के एक दर्जन गांवों में अब मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) से सड़कें बनाई जाएगी। पहले चरण में नौ गांवों में सड़क बनाने के लिए लगभग आठ करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया गया हैं। १९.३५ किलोमीटर लंबी इन सड़कों का निर्माण बारिश बाद होने की संभावना। खास बात यह है कि अब तक मनरेगा से सिर्फ मुरम की सड़कें बनाई जाती थी, लेकिन इन गांवों में डामर की सड़कें बनाने का निर्णय हुआ है। इसके लिए तकनीकि स्वीकृति मिल चुकी है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।

आबादी वाले गांवों में भी सड़कें बनाने का निर्णय

जिला पंचायत के ईई एसके अग्निहोत्री ने बताया कि शासन ने कम आबादी वाले गांवों में भी सड़कें बनाने का निर्णय लिया है। इस आदेश के बाद जिले में सर्वे करवाया गया। 50 परिवारों की आबादी वाले गांव को जोडऩे वाली एेसी 12 सड़कें चिन्हित की गई है। इनमें प्रथम चरण में 9 सड़कें बनाई जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण शेष तीन सड़कें बनेगी। मनरेगा से डामर सड़कें बनाने के लिए 7 करोड़ 74 लाख 93 हजार रुपए की कार्ययोजना तैयार की है।

32 पुल-पुलिया भी बनाएंगे:

करीब आठ करोड़ की सड़कों के बीच जगह-जगह ३२ पुल-पुलिया भी बनाई जाएगी। इनमें पिपरिया विस क्षेत्र के बनखेड़ी में बनने वाली बिछुआ से बंधराज सड़क के बीच सबसे ज्यादा १२ पुल-पुलिया होंगी।

इसलिए पीएम-सीएम योजना से रही बाहर
द रअसल, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क से वंचित 500 या इससे अधिक आबादी वाले (पहाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में 250 लोगों की आबादी वाले) गांव में ही सड़क बनाने का प्रावधान है। इस योजना से छूट गए गांवों के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना बनाई गई थी। इसमें 500 से कम आबादी वाले सामान्य श्रेणी और 250 से कम आबादी वाले आदिवासी बहुल राजस्व गांव में सड़कें बनाने का प्रावधान किया गया। जिससे इससे कम आबादी वाले गांव सड़कों से वंचित रह गए। अब इसी वजह से शासन ने इन छोटे गांव को जोडऩे मनरेगा से सड़कें बनाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से छूटे गांव में मनरेगा से डामर सड़कें बनाई जाएगी। यह पहली बार है जब मनरेगा से डामर सड़कें बनाई जाएगी।
एसएस रावत, सीईओ जिला पंचायत होशंगाबाद

करीब आठ करोड़ से ९ सड़कों का निर्माण होगा। तकनीकि स्वीकृति मिल चुकी है, प्रशासकीय स्वीकृति के बाद निर्माण शुरू होगा।
एसके अग्निहोत्री, ईई जिला पंचायत होशंगाबाद

-सड़क : डोलरिया से नागनियापुरा

-लंबाई : 1.35 किमी
-लागत : 56 लाख 56 हजार रुपए
-सड़क : खापरखेड़ा चांदौन से बोर

-लंबाई : 0.60 किमी
-लागत : 22 लाख 37 हजार रुपए
-सड़क : सेमरीरंधीर से कुंडारी

-लंबाई : 0.70 किमी
-लागत : 25 लाख 90 हजार रुपए
-सड़क : महुआखेड़ा से फतहपुर

-लंबाई : 1.70 किमी
-लागत : 66 लाख 10 हजार रुपए

-सड़क : देवरी से खबारा

-लंबाई : 3.50 किमी
-लागत : 1 करोड़ 43 लाख 93 हजार रुपए

-सड़क : बिछुआ से बंघराज

-लंबाई : 4.10 किमी
-लागत : 1 करोड़ 74 लाख 42 हजार रुपए

-सड़क : पडऱई ठाकुर से फांसीढ़ाना

-लंबाई : 3 किमी
-लागत : 1 करोड़ 15 लाख 7 हजार रुपए
-सड़क : पडऱई ठाकुर से झिरियाझोरा

-लंबाई : 3 किमी
-लागत : 1 करोड़ 15 लाख 7 हजार रुपए

-सड़क : पीएम सड़क से बेरखेड़ी

-लंबाई : 1.40 किमी
-लागत : 55 लाख 51 हजार रुपए