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vedio…मांझी की मां का दर्द…मेरा बेटा तो चला गया, तुम अपने बच्चों को बचा लोÓ

पुलिस ने दिया आश्वासन, कहा- यह तो छर्रे हैं, हम तो एक करोड़ में से ढूंढकर निकाल सकते हैं

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sagar murder case in itarsi

sagar murder case in itarsi

इटारसी। सरे बाजार में सागर मांझी की हत्या करने वाले बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए, बावजूद 24 घंटे बीत जाने के बाद पुलिस उन तक नहीं पहुंची। इधर उसकी मां संध्या का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कह रही है, मेरा बेटा तो चला गया, कल किसी ओर का चला जाएगा। इस तरह अब किसी ओर के घर का चिराग न बुझे, इसलिए आप लोग अपने-अपने बच्चों पर ध्यान दो, उन्हें बचा लो। दुखी परिवार को पुलिस ने भी यह कहकर दिलासा दी कि हम कातिल को ढूंढ निकालेगे। यह (बदमाश) तो छर्रे हैं, हम तो एक करोड़ में से ढूंढकर निकाल सकते हैं। मृतक सागर मांझी की मां संध्या ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों को जल्द पकडऩे का आश्वासन दिया है। लेकिन चौबीस घंटे में एक फुटेज मिला है। बदमाश जिन रास्तों से भागे हैं, वहां से भी फुटेज निकाले जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट हैं, लेकिन पुलिस कातिलों को जल्द पकड़े। ज्ञात रहे कि पुरानी इटारसी काबड़ मोहल्ला निवासी सागर मांझी और उसके ममेरे भाई चिराग मांझी पर सोमवार की रात पौने आठ बजे भारत टॉकीज रोड पर कल्पना ड्रेसेस के सामने हमला हुआ था बाद में सागर मांझी की मौत हो गई। हत्यारे हमला करके भारत टॉकीज की ओर भागे थे। मंगलवार की शाम तक हत्यारों के बारे में कोई भी जानकारी पुलिस नहीं लगी थी।

भाई बोला...पेट्रोल भराने जा रहा था सागर
मृतक सागर के बड़े भाई कपिल ने बताया कि वह संस्कार मेडिकल पर काम करता था। सोमवार को वह मेडिकल गया था और उसे मेडिकल वाले भैया ने शाम को उनकी गाड़ी और १०० रुपए देकर पेट्रोल भरवाने भेजा था। सागर को चिराग कहां मिला पता नहीं है, हालांकि चिराग ने बताया था वह रास्ते में मिला।

एक महीने से आ रहा था मेडिकल
मृत्युंजय टॉकीज के सामने मेडिकल की थोक की दुकान है। मेडिकल संचालक मोनू अग्रवाल ने बताया कि सागर मांझी के परिवार से उनके अच्छे संबंध है और उनकी पत्नी का इलाज सागर की मम्मी संध्या मांझी ही करती हैं। पिछले एक महीने पहले ही सागर ने मेडिकल पर काम शुरू किया था। अच्छा लड़का था मंैने ही उसे पेट्रोल भरवाने भेजा था। जब वह यहां से गाड़ी लेकर निकला उस समय उसके साथ दूसरा कोई लड़का नहीं था।

कहीं पूल गेम तो नहीं हत्या की वजह
शहर में अलग-अलग जगहों पर चल पूल गेम अपराधों का अड्डा बन गए हैं। यह पूल गेम अब जुआं के अड्डों जैसा हो गया है। यहां आने वाले युवक पूल गेम पर पैसों का दाव लगाते है। फैशन बन चुके इस पूल गेम में शहर कई नामी घरों के बच्चे फंसे हैं और इन पर कर्ज भी हो चुका है। नाला मोहल्ला क्षेत्र में एक चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनका पुत्र घर कई चीजें ले जाकर बेच देता है। कर्ज कर लिया था। समझाते हैं लेकिन वह बार-बार पूल गेम खेलने चला जाता है। गौरतलब है कि पूल गेम खेलने वाले युवकों के आसपास के क्षेत्र में लड़ाई-झगड़े आम बात हो गई।

दस हजार का इनाम घोषित
एसपी अरविंद सक्सेना ने हत्यारे की पहचान बताने वाले को दस हजार का इनाम देने का ऐलान किया है। सक्सेना ने घटनास्थल का जायजा लिया और सीसीटीव्ही फुटेज देखे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जानकारी देने वाले के नाम को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।

सुबह कराया पोस्टमार्टम
पुलिस ने देर रात परिजनों को पंचनामे पर हस्ताक्षर करने पर राजी किया। इसके बाद सुबह शव का पोस्टमार्टम किया गया। परिजनों ने मंगलवार दोपहर में सागर मांझी की अंत्येष्टी की। इधर, पुलिस हर उस एंगल को टटोल रही है जो हत्या के कारण हो सकते हैं।

हत्या को लेकर यह उठ रहे सवाल
- क्या इतनी सी बात पर हत्या हुई है।
- हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश तो नहीं थी।
- रैसलपुर में एक ढाबे पर कोई विवाद हुआ था उस घटना से तो नहीं जुड़ा है यह हमला।
- पूल गेम को तो नहीं था कोई लेनदेन।

मृतक के परिजनों, घायल चिराग मांझी सहित घटनास्थल के आसपास के लोगों से, संदिग्धों और जान पहचान वालों से पूछताछ कर रहे हैं। अभी कोई सुराग नहीं मिला है। इस मामले में हत्यारों का सुराग देने वाले को १० हजार इनाम देने की घोषणा की गई है।
अनिल शर्मा, एसडीओपी







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