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Silver Jubilee Year: 25 साल बाद मिले सहपाठियों से तो खिल उठे मन और चेहरे

एसजेएल स्कूल में मना सिल्वर जुबली ईयर, 1993 बैच के विद्यार्थियों ने ताजा की यादें

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SJL School Celebrates Silver Jubilee Year

SJL School Celebrates Silver Jubilee Year

सोहागपुर. समय बीतता गया, लेकिन नहीं बदला तो सन 1993 में स्थानीय एसजेएल शासकीय विद्यालय से कक्षा 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों का अपने मित्रों के प्रति स्नेह और शिक्षक-शिक्षिका के प्रति सम्मान। यह देखने को मिला शनिवार को मनाए गए सिल्वर जुबली ईयर आफ री-यूनियन कार्यक्रम मेेेें। आयोजन होशंगाबाद मार्ग स्थित वाटिका गार्डन परिसर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सभी तत्कालीन विद्यार्थियों द्वारा किया गया था। जिन्होंने आयोजन की रूपरेखा तय कर तत्कालीन शिक्षक-शिक्षिकाओं को आमंत्रित किया व उनका सम्मान किया। आयोजन की शुरुवात साधारण मंचीय व पुन: परिचय कार्यक्रम से हुई, जिसमें 1992-93 सत्र में कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने 25 वर्षों बाद शिक्षक-शिक्षिकाओं व मित्रों का अपना परिचय दिया। जिसके बाद लंच हुआ और अंत में संस्मरण आयोजन। इसमें सोहागपुर सहित पिपरिया, होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, दिल्ली, नासिक आदि स्थानों से आए सन 1993 बैच के पूर्व छात्रों ने अपने विद्यार्थी जीवन की पुरानी यादें ताजा की।

इनमें कोई सीए है तो कोई इंजीनियर, कोई व्यवसायी है तो कोई शिक्षक, कोई समाजसेवी है तो कोई अभी भी सोहागपुर की माटी से जुड़ा साधारण सा मध्यम वर्गीय आम आदमी और कोई होशंगाबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष है तो कोई ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष।
ये हुए शामिल
आयोजन मेें प्रशांत बसेडिय़ा, सोहेल समद, शालू भदौरिया, दीपक ठाकुर, पुष्पराज पटेल, नीलेश सोनी, रीतेश अग्रवाल आदि ने बताया कि आमंत्रित गुरुजनों में से पीके सोनी, बसंत कपरिया, एलएन श्रीवास्तव, एमके दीवान, एनके वैष्णव, जयराम रघुवंशी, एसी पटेल, सीबी रघुवंशी, एसडी श्रीवास्तव, अरविंद तिवारी, राजेंद्र तिवारी, आरआर चौरे, संदीप शुक्ला व मीना गिरोटिया शामिल हुए।

इस तरह के आयोजन जरूरी
समय-समय पर इस तरह के आयोजन होना आवश्यक हैं। क्योंकि इससे दूर रहने वाले सभी दोस्त एक समय साथ आते हैं अपने खुशी के पलों के सांझा करते हैं तो कोई अपनी परेशानियों का भी जिक्र करता है। कई बार आपसी समन्वय से उन परेशानियों का हल भी निकल आता है। जिस कारण उनका समाधान भी हो जाता है।