10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारत के हथनोरा में हुआ था मानव जन्म, यह बताने वाले डॉ. सोनकिया नहीं रहे, पढ़ें उनकी बड़ी खोजें

होशंगाबाद में सड़क हादसे में मौत

2 min read
Google source verification
story of birth of human on earth hindi news

story of birth of human on earth hindi news

होशंगाबाद। डॉ. अरुण सोनकिया। एक ऐसा नाम जिनकी खोज ने नगर की पहचान देश-दुनिया तक पहुंचाई थी। खोज भी ऐसी कि जिसके लिए देश-दुनिया के दिग्गज जुटे हुए थे। डॉ. सोनकिया अब नहीं रहे। एक सड़क दुर्घटना में शनिवार को उनकी मौत हो गई। लेकिन उनकी खोज हमेशा से लोगों को याद रहेंगी। नर्मदा मानव को खोजने वाले डॉ. सोनकिया विश्व के पटल पर उनकी मानव जीवन भारत में नर्मदा किनारे की खोज हमेशा जीवंत रहेगी। नर्मदा घाटी में जीवाश्मों में हाथी, घोड़े, दरियाई घोड़ा, जंगली भैंसों के जीवाश्म के साथ सीहोर के हथनोरा में 5 दिसंबर 1982 को 70 हजार वर्ष पुराने मानव के कपाल अवशेष खोजे थे। हथनोरा में नर्मदा तट पर खुदाई से मानव कपाल निकाला। प्राचीन मानव को वैज्ञानिकों द्वारा नर्मदा मानव का नाम दिया गया है। हथनोरा के सामने के धांसी और सूरजकुंड में नर्मदा के उत्तरी तट पर प्राचीनतम विलुप्त हाथी (स्टेगोडॉन) के दोनों दांत तथा ऊपरी जबड़े का जीवाश्म भी उन्होंने खोजा।

ऐसे हुआ हादसा
शनिवार को वह पैतृक गांव हिरनखेड़ा सिवनीमालवा आए थे। वह घर से शनिवार दोपहर 12 बजे मारूति कार (एमएच 31 एजी 8961 ) से भोपाल जाने के लिए निकले थे, स्टेट हाइवे हरदा रोड पर शनिवार दोपहर में ग्राम टुगारिया के पास रेत से भरे एलपी ट्रक ने उनकी मारुति कार एमएच 31एजी 8961 को टक्कर मार दी। जिससे कार चला रहे भोपाल के त्रिलंगा निवासी 73 वर्षीय अरुण पिता रोहणीप्रसाद सोनकिया की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद चालक बीच रास्ते पर ट्रक छोड़कर भागा। मृतक सोनकिया भूृ-वैज्ञानिक थे। वे अपने पैतृक गांव हिरनखेड़ा से स्वयं कार चलाकर भोपाल जा रहे थे। देहात थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव उनके भाई आनंद सोनकिया व पुत्र विवेक सोनकिया को सौंपा दिया। ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।

यह भी है खास
- नर्मदा मानव की 5 लाख साल पुरानी खोपड़ी की खोज डॉ. सोनकिया ने 5 दिसंबर 1982 को की थी।
- सोनकिया ने बताया अफ्रीका नहीं भारत में जन्मा है मानव
भारत में सर्वप्रथम वर्ष 1982 में नर्मदा नदी घाटी के किनारे बसे हथनोरा गांव से आदि मानव की उत्पत्ति की जानकारी मिली । हथनोरा गांव से आदि मानव के कंकाल (खोपड़ी का भाग) मिले , जिसका आकलन इएसआर(इलेक्ट्रॉन स्पीन रेजोलेंस) डेटिंग पद्धति से किया था। जिससे पता चला कि यह कंकाल 3,50,000 वर्ष पुराना है। यहीं से मानव के विकास की कहानी भारत में शुरू होती है।