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एक पुल के कारण ट्रांसपोर्टर ने बढ़ाया 25 फीसदी से ज्यादा किराया

सुखतवा पुल: 100 किमी का अतिरिक्त चक्कर बना मुसीबत, ट्रक चालक परेशान

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Sukhtwa bridge broken

Sukhtwa bridge broken

इटारसी. सुखतवा नदी का पुल टूटने के बाद दिल्ली, आगरा, जयपुर से सामान लेकर चैन्नई, मद्रास, तेलंगाना सहित अन्य जगहों पर जाने वाले ट्रक चालक परेशान हैं। इसका कारण उन्हे वैकल्पिक मार्ग की सूचना नहीं होना है। ऐसे में इटारसी से बैतूल मार्ग बंद होने के बाद इन्हे 100 किमी का अतिरिक्त बोझ आ रहा है। ट्रक चालक ट्रांसपोर्टरों से ज्यादा किराया मांग रहे हैं तो वो पुरानी बुकिंग का हवाला देकर इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे नई बुकिंग पर उपभोक्ताओं से 25 फीसदी किराया भाड़ा ज्यादा ले रहे हैं।
ऐसे में रनिंग में चल रहे ट्रक चालक परेशान हैं। नर्मदापुरम- इटारसी ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन अध्यक्ष अजय मिश्रा ने बताया कि नर्मदापुरम से साउथ, महाराष्ट्र की तरफ जाने वाले सामान की बुुकिंग 25 फीसदी भाड़े की वृद्धि पर कर रहे हैं। अभी नर्मदापुरम से नागपुर का 110 रुपए टन की जगह 150, हैदराबाद का 300 रुपए की जगह 375 रुपए प्रति टन, मुंबई का 350 से बढ़ाकर 400 रुपए टन पर बुंकिग कर रहे हैं। अभी जो गाडिय़ां सड़कों पर पहुंच गई हैं। उसकी पुराने रेट पर बुकिंग है। ड्राइवर- क्लीनर को अतिरिक्त भाड़ा हम अपने खर्चे से दे रहे हैं, नए सामान की बुकिंग में हम खर्चा उपभोक्ता से ले रहे हैं।

उद्योगपतियों पर आ रहा अतिरिक्त भार
उद्योग संघ इटारसी अध्यक्ष मोहन खंडेलवाल ने बताया कि सुखतवा पुल के कारण इटारसी से बैतूल मार्ग बंद होने के बाद 100 किमी की दूरी बढ़ गई है। हमारे उद्योग क्षेत्र के लिए नागपुर तरफ से ट्रकों से आने वाले औद्योगिक उपकरणों को लाने में परेशानी हो रही है। यह सामान पहले नर्मदापुरम आ रहे हंै। यहां से खेड़ा तक लाने 15 किमी और नागपुर से बैतूल होकर नर्मदापुरम का 95 किमी का अतिरिक्त खर्चा ट्रांसपोर्टर मांग रहे हैं। यानी 110 किमी की अतिरिक्त दूरी होने से जो माल पहले सीधे 110 रुपए टन में आ जाता था, वह अब 150 रुपए टन पर मंगाना पड़ रहा है। बता दें खेड़ा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में हार्डवेयर, केमिकल, लोहा सहित अन्य सामान नागपुर तरफ से आता है। किराया भाड़ा बढऩे से व्यवसायी अब दूसरी जगहों से सामान बुलवाने के विकल्प भी तलाश रहे हैं।

अतिरिक्त खर्च नहीं मिल रहा
दिल्ली से साउथ जाने वाले भारी वाहन के ड्राइवर इस्माइल खान ने कहा कि हमें बैतूल पहुंचने के लिए 95- 100 किमी अतिरिक्त घूमकर जाना पड़ रहा है। रोड डायवर्ट होने की जानकारी पहले से नहीं थी। गडरिया नाले पर हमें बता देते तो हम ट्रक मालिक से अतिरिक्त खर्चा की बात करते। अब जब हरदा रोड पर आ गए। यहां से अतिरिक्त खर्चा मांगा, तो हमें ट्रांसपोर्टर ने देने से इंकार कर दिया। मोटर के मालिक और ट्रांसपोर्टेशन दोनों उस अतिरिक्त किमी का खर्च देने से इंकार कर रहे।
कर्नाटका रोड लाइंस की गाड़ी के साथ दो दिन से खड़े ड्राइवर अशोक परमार ने बताया कि फिरोजाबाद से बेंगलुरु के लिए शराब की खाली बोतलें लेकर जा रहा हूं। पहले से निर्धारित सड़क का खर्चा मिलता है। रास्ता बंद होने और दूसरे रास्ते से 100 से 120 किमी होकर जाने का अतिरिक्त खर्चा मांगा। फिलहाल बताने के बारे में कंपनी को कहा। दो दिन हो गए, कोई जवाब नहीं आया अगर हम जाएंगे, तो उतना खर्च जेब से उठाना पड़ेगा। जो परेशानी साबित हो रहा है।

भारी वाहनों को डायवर्ट किया : बता दें सुखतवा पुल टूटने के बाद इटारसी- बैतूल मार्ग पर भारी वाहन प्रबिंधित हैं। प्रशासन ने पुल के पास से वैकल्पिक मार्ग पर कच्चा रास्ता तैयार किया है, जिससे सिर्फ कार, जीप, बाइक, मिनी ऑटो जा रहे हैं। वहीं भारी वाहनों को नर्मदापुरम से हरदा रोड की ओर डायवर्ट कर दिया है। इटारसी के 11 मुखी हनुमान मंदिर के पास करीब 25 से ज्यादा लोडिंग वाहन खड़ेे हैं।

अधूरी जांच: बैतूल जिले के आरटीओ और टोल प्लाजा से एडीएम ने मांगी जानकारी
सुखतवा पुल टूटने की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। मामले में बैतूल के आरटीओ और टोल प्लाजा को नर्मदापुरम से पत्र लिखा गया है। पत्र से जानकारी मांगी गई है कि क्या हादसे वाले दिन बैतूल सीमा क्षेत्र में आरटीओ और टोल प्लाजा पर भारी भरकम ट्राले को रोका गया था। यदि रोका गया था, तो क्या परमिशन संबंधी जानकारी ली गई थी। कलेक्टर के निर्देंश पर एडीएम मनोज ठाकुर को हादसे की पूरी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में अभी तक पाया गया कि 232 टन ट्रॉला हैदराबाद से इटारसी पॉवरग्रिड आ रहा था। हैदराबाद से नागपुर तक की परमिशन थी। साथ ही नागपुर से इटारसी की परमिशन बाद में ली गई। हालांकि अभी इस पर संदेह है कि परमिशन पहले ली गई या फिर हादसे के बाद। दरअसल एमपीआरडीसी द्वारा यह परमिशन दिल्ली और भोपाल से ऑनलाइन जारी की जाती है। इसलिए इसको पुख्ता करने के लिए दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। जांच अधिकारी एडीएम मनोज ठाकुर ने बताया कि बैतूल के आरटीओ और टोल प्लाजा को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा एनएचएआई द्वारा की गई शिकायत की भी जांच कर रहे हैं। जांच अगले सप्ताह तक पूरी हो जाएगी।

इनका कहना है
जांच में अभी कुछ बिंदु रह गए हैं। जिन्हें पूरा करके रिपोर्ट देने के लिए कहा है। जांच में मुख्य दोषी कौन है, यह स्पष्ट होना चाहिए। जिसके खिलाफ जांच रिपेार्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर