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होशंगाबाद सहित तीन जिलों के रेत खदानों का फिर से होगा टेंडर

- सरकार ने 43 जिलों में खदानों के इतने ही क्लस्टर बनाए हैं

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होशंगाबाद सहित तीन जिलों के रेत खदानों का फिर से होगा टेंडर

होशंगाबाद सहित तीन जिलों के रेत खदानों का फिर से होगा टेंडर

भोपाल@अशोक गौतम की रिपोर्ट...

होशंगाबाद सहित तीन जिलों के रेत खदानों के नए सिरे से टेंडर होंगे। दरअसल, होशंगाबाद की रेत खदान का ठेका पावर मेक प्रोजेक्ट लिमिटेड ने 217 करोड़ रुपए में लिया था, लेकिन कंपनी ने तय समयसीमा में न तो पैसा जमा किया न ही खनिज विभाग के पत्रों का कोई जवाब दे रही है।

उधर, अशोकनगर के रेत खदान का ठेका लेने वाले ठेकेदार राजेन्द्र सिंह रघुवंशी पहले ही ठेका लेने से इंकार कर चुके हैं। उनका कहना है कि कम्प्यूटर ऑपरेटर की गलती से रेत का टेंडर सवा करोड़ की जगह 12 करोड़ भरा गया था। वहीं मंडला में रेत का ठेका लेने वाली मैसर्स केपी सिंह भदौरिया कंसस्ट्रक्शन कंपनी भी टेंडर लेने नहीं आ रही।

खनिज विभाग के कई बार स्मरण पत्र लेने के बाद भदौरिया ने कोई जवाब नहीं दिया। इन सबके चलते राज्य सरकार तीनों जिले के रेत ठेके खनिज विभाग अगले हफ्ते जारी कर सकता है। सरकार ने 43 जिलों में खदानों के इतने ही क्लस्टर बनाए हैं। इन खदानों में से 36 जिलों की खदानें पहली बार में नीलाम हुई थीं। इसके लिए खनिज विभाग ने 448.35 करोड़ रुपए आरक्षित मूल्य रखा था। इसके बदले 1235 करोड़ रुपए बोली लगीं। इसमें सबसे बड़ी 217 करोड़ रुपए की बोली होशंगाबाद कलस्टर के लिए लगाई गई थी। इस कलस्टर के लिए 100 करोड़ रुपए आरक्षित मूल्य तय किया गया था। अब ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं है।

ठेकेदार से विभाग के अफसरों की बात भी हुई है। उसने साफ कहा है कि बैंक गारंटी पर खदान देने को तैयार हों, तो काम किया जा सकता है, लेकिन इस प्रस्ताव से विभाग के मंत्री और अधिकारी सहमत नहीं हैं। ऐसे ही अशोकनगर कलस्टर के लिए 12.50 लाख रुपए आरक्षित मूल्य था।

इसके बदले बोली एक करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए लगाई गई। ठेकेदार का कहना है कि ऑनलाइन बोली लगाते समय उससे एक शून्य गलती से लग गई। जबकि मंडला क्लस्टर की खदानों का आरक्षित मूल्य 10 करोड़ रुपए रखा गया था, जो 36.59 करोड़ रुपए में नीलाम हुईं।

सरकार को 41 जिलों में रेत के ठेके के लिए 1330 करोड़ के ऑफर मूल्य मिले थे। इसमें से 33 जिलों में निविदा राशि के 50 प्रतिशत के मान से 446 करोड़ 13 लाख रुपए निगम के खाते में जमा किए जा चुके हैं। इनमें से 31 जिलों में आशय-पत्र जारी किये जा चुके हैं।

सीहोर और डिण्डौरी जिले में आशय पत्र जारी किये जाने प्रक्रिया की जा रही है। शाजापुर जिले के उच्चतम निविदाकार को राशि जमा करने के लिये सूचना पत्र जारी किया गया है।

प्रदेश में रेत निविदाकारों द्वारा निविदा के उच्चतम मूल्य के 50 प्रतिशत के मान से 33 जिले के ठेकेदारों द्वारा 8 फरवरी 2020 तक जमा राशि जमा कराई गई है। बैतूल, देवास, हरदा, भिण्ड, बालाघाट, कटनी, पन्ना एवं जबलपुर जिलों की कुल 97 खदानों के माइनिंग प्लान ठेकेदारों के पक्ष में स्वीकृत किये जा चुके हैं।

इनमें से 82 खदाने राज्य शासन द्वारा ठेकेदारों के पक्ष में अंतरित की जा चुकी है। ठेकेदारों द्वारा इन खदानों की पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है।

तीनों जिलों की खदानों की दोबारा नीलामी करेंगे। ठेकेदार खदानें लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे।
- नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव, खनिज