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होशंगाबाद। बहुत उम्मीद थी उनको जब आकाश का जन्म हुआ था, जैसे-जैसे आकाश बड़ा होता गया मानसिक रुप से मंद होने की बीमारी परिजनों के सामने आने लगी। आर्थिक रुप से कमजोर होते हुए थी माता-पिता ने हिम्मत नहीं हारी और उसका अच्छा उपचार कराया, जब बात नहीं बनी तो उसे ग्वालियर के बड़े अस्पताल में भी दिखाया, आकाश तो ठीक नहीं हुआ लेकिन उसकी बीमारी ने अपने माता-पिता को सड़क पर ला दिया। आज स्थिति यह है कि यह लोग झुग्गी बस्ती में रहने को मजबूर हैं। पिता लोहार हैं। आकाश अजीबो-गरीज हरकतें करता है, जिस कारण उसे बिजली के खंभे से ही बांध दिया जाता है।
यह नजार देखने को मिला आईटीआई रोड पर मंडी के समीप स्थित झुग्गी निवासी 10 वर्षीय बालक आकाश लोहार के घर। उसके माता-पिता बिजली के खंभे से बांधकर रखे रहे हैं। माता-पिता अब भी झाडफ़ूंक करवा रहे हैं। मूलत: शाहगंज के रहने वाले पिता अन्नू लोहार एवं मां रानी ने बताया कि आईटीआई रोड किनारे झुग्गी बनाकर वे कई वर्षों से यहां लोहारी का काम करते हैं। बालक आकाश का जिला अस्पताल होशंगाबाद से मानसिक मंदता प्रमाण पत्र भी है। जिसमें नि:शक्त व्यक्तियों के लिए शासन से योजनाओं की सुविधा है, लेकिन उसके इलाज के लिए कोई मदद नहीं मिल रही है। इसके लिए वे स्थानीय प्रशासन से कई बार मदद भी मांग चुके हैं, उन्हें अब भी मदद की दरकार है। यदि मदद मिले तो बालक का इलाज करा सकें।
यह है मजबूरी
मंदबुद्धि आकाश को बांधकर रखना माता-पिता की मजबूरी हो गया है। आलक आकाश अजीब हरकतें करता है। ध्यान नहीं दो तो मिट्टी, रेत एवं पत्थर खाने लगता है। लोगों को मारने दौड़ता है। इसलिए मजबूरी में उसे रस्सी से पैर बांधकर रखना पड़ रहा है। पुलिस वालों ने भी उसे बांधकर रखने की समझाइश दी है।
सहायता की मांग
पिता अन्नू लोहार का कहना है कि उसे आर्थिक सहायता की जरूरत है। अगर ये सहायता मिल जाए तो उसका उचित इलाज हो और बेटा अन्य सामान्य बच्चों जैसे जीवन जी सकेगा। मानसिक रोग से ग्रसित आकाश के कारण वे लोहारी-मजदूरी के काम से झुग्गी से बाहर नहीं जा पा रहे हैं।
Updated on:
18 Sept 2017 01:47 pm
Published on:
18 Sept 2017 01:43 pm
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