
होशंगाबाद. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार गणना मोबाइल ऐप पर आधारित होगी। सर्वे करने वाले वनकर्मियों को बाघों के जमीन-पेड़ों पर मारे गए खरोंच, पगमार्क, शिकार, मल की फोटो और सर्वे के दौरान नजर आने वाले बाघों की फोटो डाटा शीट के साथ एप पर अपलोड करनी होगी।
भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून चार साल में एक बार बाघों की गणना कराता है। इस बार गणना के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में करीब 865 ट्रैपिंग कैमरे लगाए जाएंगे। पिछली गणना में 400 कर्मचारियों ने बाघों की गिनती की थी। इस बार करीब एक हजार अफसर-कर्मचारी यह काम करेंगे। दरअसल, बाघों का भ्रमण क्षेत्र बढऩे से इस काम में ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी और कैमरे लगाए जा रहे हैं। प्रदेश में बाघों की गणना के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षण हो चुका है।
अफसरों को अनुमान है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 50 से बढ़कर 60 तक हो सकती है। एसटीआर संचालक एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि गणना के लिए हम पूरी तरह से तैयार है। अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है। इस बार करीब 800 कैमरे लगाए जाएंगे।
चार चरण में होगी गणना
पहला चरण: सात दिन कर्मचारी जंगल में तय ट्रांजिट लाइन पर बाघ के पगमार्क, मल, पेड़ों पर खरोंच और घास में बैठने या लेटने के निशान देखकर क्षेत्र में उसकी उपस्थिति दर्ज करेंगे।
दूसरा चरण : वन्यजीव संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक सैटेलाइट इमेज से लिए गए डाटा का अध्ययन करेंगे।
तीसरा चरण: ट्रैप कैमरे से बाघों के फोटो लिए जाएंगे। जिनका बाद में वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक आपस में मिलान करेंगे।
चौथा चरण: इसमें प्रदेश के टाइगर रिजर्व के अंदर विचरण करने वाले बाघों की ही गिनती की जाएगी।
Published on:
26 Nov 2021 05:00 pm
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