
सेहत की बात:...तो इसलिए महिलाओं को आ जाती हैं दाढ़ी-मूछें
होशंगाबाद। सभी महिलाओं को चेहरे पर हल्के हल्के बाल होतें है। लेकिन बहुत सी महिलाओं को दाढ़ी-मूछ की जगह मामूली बालों के रोएं की जगह मोटे काले बाल आज जाते हैं। जिसे अक्सर महिलाएं या लड़किया कुदरती कहकर टाल देती है। लेकिन डॉक्टर्स की माने तो ये महिलाओं में अनचाहे बाल आने का कारण हार्मोनल डिसऑर्डर है। फिर बात आती है, हॉर्मोनल डिसऑर्डर की तो उसके बारे में हम आपको आगे बतातें है। महिलाओं में कई तरह की बीमारियों के बजह से ये समस्याएं बनी रहती हैं।
महिलाओं में पीसीओडी की दिक्कत
अक्सर महिलाओं में होने वाली पीसीओडी बाली बीमारी यानि पॉलिसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर को पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है। अनचाहे वाल आने का सबसे बड़ा कारण पीसीओडी में ओवरी के चारों तरफ पीरियड्स के बल्ड जम जाते है। जिससे ये समस्याएं बनी रहती है।
क्या है पीसीओडी
डॉक्टर श्वेता के अनुसार पीसीओडी एक हॉर्मोनल डिसऑर्डर है, जिसमें पुरुष हॉर्मोन का स्तर महिलाओं के हॉर्मोन की तुलना में बढ़ जाता है। इस बीमारी में गर्भाशय में जो हॉर्मोन बढ़ता है उसे मेल हॉर्मोन भी कहते है। इसका स्तर बढऩे से ओवरी में सिस्ट्स बनने लगते है।
इसलिए बनते है सिस्ट
महिलाओं में सिस्ट बनने की सबसे बड़ी वजह पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं में इंसुलिन प्रतिरोधिता पाई जाती हैं। यानि कोशिकाएं अच्छी तरह से इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं करती। इन महिलाओं में डायबिटीज का भी खतरा बना रहता है। इन बीमारियों के कारण हॉर्मोनल, असंतुलन, मोटापा, तनाव जैसी समस्याएं होती है। चर्बी बढऩे की वजह से एस्ट्रोजन हॉर्मोन की मात्रा बढऩे पर भी ओवरी में सिस्ट बनने लगता है।
पीसीओडी और पीसीओएस के लक्षण होते है कुछ ऐसें
अनियमित पीरियड्स, अचानक वजन बढऩा अधिक बाल उगना। इसमें ठोड़ी पर बाल उगते हैं। शरीर पर जैसे छाती, पेट, पीठ या पैरों के अंगूठों पर बालों का उगना शामिल है। भावनात्मक उथल-पुथल, बेवजह चिड़चिड़ापन, बच्चा कंसीव न कर पाना, ओवरी में सिस्ट होने पर चेहरे, गर्दन, बांह, छाती, जांघों पर धब्बे पड़ जाते हैं। त्वचा में तेलीय चेहरा, बालों में डैन्ड्रफ, मुंहासे होना भी इसके लक्षण हैं।
Published on:
24 Jan 2019 07:10 pm
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