
कई सालों बाद रिकार्ड तोड़ मिले भाव, दो लाख नकद भी मिल रहा
इटारसी. जिले की ए ग्रेड इटारसी कृषि उपज मंडी में गेहूं की बंपर आवक आ रही है। बुधवार को गेहंू 2&&2 रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल के दाम पर बिका। इससे किसान भी खुश हैं। इससे पहले 25 मार्च को 2&0& रुपए के दाम पर गेहूं बिका था। इस रिकार्डतोड़ भाव से मंडी प्रशासन भी खुश दिखा। इसके साथ ही मंडी में आज 1500 बोरी गेहंू की आवक हुई।
वहीं किसानों को मंडी में 2 लाख रुपए का का नकद भुगतान किया जा रहा है। मंडी के अधिकारियों ने बताया कि इस साल सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपए है, लेकिन शासन ने फसल बिकते ही किसानों को नकद भुगतान करने के आदेश का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। इससे किसान उत्साहित हैं, क्योंकि उसे फसल बेचते ही आरटीजीएस के माध्यम से दो लाख रुपए का नकद भुगतान कुछ ही मिनटों में खाते में पहुंच रहा है। इससे किसानों का रुझान मंडी में गेहूं लाकर बेचने के प्रति बनने लगा है। इटारसी कृषि मंडी में गेहूं 25 मार्च से बिकने के लिए आ रहा है। पहले दिन 2&04 रुपए पर बिका। इसके बाद 29 मार्च तक भाव नीचे उतरकर 2200, 2150 रुपए तक रहा। इस बीच चार दिन तक मंडी में त्योहारी अवकाश के चलते खरीदी बंद रही। 4 अप्रेल से पुन: मंडी खुली। जिसमें उ'चतम भाव 2020 रुपए पर बिका। इस दिन 20 हजार बोरी की आवक हुई। 5 अप्रेल को भाव 2025 रुपए रहा। इस दिन 14 हजार बोरी की आवक हुई।
खरीदी केंद्र ना खुलने से किसान पहुंचे मंडी
जिले के 80 फीसदी खरीदी केंद्र निर्धारित तिथि 4 अप्रेल से अभी तक नहीं खुल पाए। इन केंद्रों में नागरिक आपूर्ति निगम खरीदी कर रही है। इसके कारण किसानों का झुकाव मंडी की ओर हो रहा है। किसान संघ के प्रवक्ता रजत दुबे ने बताया कि चूंकि मूंग की फसल बोनी है। इसलिए किसानों को पैसे की जरूरत है। सरकार ने दो लाख रुपए के तत्काल नकद भुगतान की व्यवस्था बनाई है, उससे किसान का रुझान मंडी की ओर बढ़ा है। इसके कारण किसान उत्साहित होकर बड़ी संख्या में बुधवार को मंडी पहुंचे। आज उ'चतम भाव 2&&2 रुपए ङ्क्षक्वटल पर गेहंू बिका, वही आवक भी पुन: बढ़कर 15&79 बोरी रही। किसान मंडी में अपनी उपज बेचने आ रहे हैं।
इटारसी मंडी में किसान फसल लाकर बेचने को उत्साहित हैं। क्योंकि उन्हें उ'च भाव के साथ भुगतान भी तुंरत मिल रहा है। मंडी प्रबंधन ने भी किसानों को हरसंभव मदद कर रही है। उनकी सुविधाओं का ध्यान रखी है। वही व्यापारी, हमाल और किसानों में समन्वय अ'छा होने से किसान को लाभ मिल रहा है।
- राजेश मिश्रा, सचिव, कृषि उपज मंडी, इटारसी।
Published on:
07 Apr 2022 06:26 pm
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