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कभी देखा है जंगली मधुमक्खी का छत्ता

बैतूल जिले के सारनी में तीन दिन में मटके के आकार का हो गया छत्ता इसलिए लोगों के लिए यह कौतूहल का विषय है।

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Wild bee

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सारनी। बाल कटने की खबर के बीच शोभापुर कालोनी में जंगली मधुमक्खी का छत्ता इन दिनों कौतूहल का विषय है। महिलाओं में इस बात को लेकर दहशत है कि कहीं यह बाल काटने वाले कीड़े का छत्ता तो नहीं है। दरअसल वार्ड नंबर 33 के नाले के पास नीम के पेड़ पर करीब 30 फीट की ऊंचाई पर एक विशेष प्रकार की मिट्टी का छत्ता बना है। जिसमें सैकड़ों की संख्या में कीड़े हैं। महज तीन दिन में इस छत्ते का आकार मटके से भी बड़ा हो गया। यह कौतूहल का विषय है। जिसे देखकर लोगों में दहशत है। वार्ड के जोगेन्द्र सूर्यवंशी ने बताया कि इस तरह का छत्ता इससे पहले कभी नहीं देखा गया। इसलिए लोगों के लिए यह कौतूहल का विषय है। जब से लोगों ने इस छत्ते को देखा है। तब से लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही। बैतूल जिले के सारनी में तीन दिन में मटके के आकार का हो गया छत्ता इसलिए लोगों के लिए यह कौतूहल का विषय है।

डिप्टी रेंजर ने बनाया पंचनामा
पेड़ पर विशेष प्रकार के कीड़ों का छत्ता देखकर वार्ड में मचे हड़कंप के बीच लोगों की सूचना पर वन विभाग की टीम डिप्टी रेंजर के साथ मौके पर पहुंची। उनके द्वारा भी इस तरह का छत्ता पहली बार देखने की बात कहने पर लोग असमंजस में पड़ गए। इस बीच एक बुजुर्ग ग्वाला बलराम यादव मौके पर पहुंचे। जिन्होंने बताया कि यह जंगली मधुमक्खी का छत्ता है। इससे कोई नुकसान नहीं है। इसके बाद लोगों ने राहत महसूस की।
नीम के पेड़ पर जंगली मधुमक्खी का छत्ता था। जिसे महिलाएं बाल काटने वाले कीड़े का छत्ता समझ रही थी। लेकिन ऐसा नहीं है। वन अमले ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया है। जंगली मधुमक्खी दो प्रकार की होती है। एक शहद बनाती है। दूसरी मिट्टी का छत्ता बनाती है।
विजय बारस्कर, रेंजर, सारनी।