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साल में केवल चार बार ही कराए एक्स-रे की जांच, नहीं तो हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

बदलती लाइफस्टाइल और दुर्घटना के कारण हर दिन लोगो को कोई न कोई शरीर से संबंधित बीमारी हो जाती है।

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साल में केवल चार बार ही कराए एक्स-रे की जांच, नहीं तो हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

साल में केवल चार बार ही कराए एक्स-रे की जांच, नहीं तो हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

होशंगाबाद। बदलती लाइफस्टाइल और दुर्घटना के कारण हर दिन लोगो को कोई न कोई शरीर से संबंधित बीमारी हो जाती है। जिससें वह अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले एक्स-रे की जांच कराने पहुंचते हैं। लेकिन एक्स-रे कराना कितना घातक हो सकता है। डॉ. सतीश नेमा ने बताया कि इसकी रेडिऐशन शरीर को नुकसान भी करती है। इसलिए मरीजों को साल में केवल चार बार ही एक्स-रे और सीटी स्केन जैसी जांच कराना चाहिए। दूसरी तरफ यह जांच फायदेंमद भी होती है क्योंकि इससे बीमारी की प्रांरभिक अवस्था को पकड़ा जा सकता है।

जल्दी पता चल जाती है बीमारियां
रेडियोलॉजिस्ट का कहना है कि एक्स-रे से कई सारी बीमारी आसानी से पता चल जाती है। ेकभी कभी मरीजो के पेट में अंाते फसना, एयर, चेस्ट संबंधित बीमारी को पकड़ सकते हैं। इससे काफी मरीजों को आराम भी लगा है।

हर दिन पहुंचे है 100 मरीज
जिला अस्पताल में एक्स-रे, सीटी स्केन कराने के लिए हर दिन करीब 100 और सीटी स्केन के 20 मरीज यहां पहुंचते हैं। डॉक्टर का कहना है कि इसमें ज्यादातर एक्सीडेंट से घायल मरीजों की सर की एक्स-रे व सीटी स्केन होता है।


यह है एक्स-रे के मॉडिफाय रूप
मेमोग्राफी से स्तन केंसर को पकड़ सकते हैँ। कोवाल-40, रेडियोगामा रेस, सीटी स्केन से अंदर लगी चोटो का पता चलता है।


इनका कहना है....
एक्स-रे के रेडिऐशन से नुकसान भी होता है। अगर कोई मरीज ज्यादा एक्सरे कराता है तो न कराए। साल में केवल चार बार ही कराए।
डॉ. सतीश नेमा, रेडियोलॉजिस्ट जिला अस्पताल