20 हजार करोड़ की संपत्ति के इस मालिक का नाम पद्मनाभ सिंह (padmanabh singh) है, जो कि जयपुर (Jaipur) के शाही परिवार के 303वें वंशज हैं। इन्हें घूमने का काफी शौक है, जिसके चलते ये काफी पैसे इसमें खर्च कर देते हैं। साथ ही वो मॉडल, पोलो खिलाड़ी और ट्रैवलर हैं।
नई दिल्ली: आजादी के पहले भारत में राजाओं का राज था। लेकिन अब राजाओं का वक्त तो खत्म हो चुका लेकिन कुछ राजघराने के लोग (royal families in India) खुद को सफल बनाने और जनता से जुड़े रहने के लिए नए-नए तरीके आजमा रही है। इन्हीं में से एक है जयपुर रियासत के किंग पद्मनाभ सिंह (padmanabh singh)।
21 साल के पद्मनाभ (padmanabh singh) के पास 20 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति है। यही नहीं ये खुद को भगवान श्री राम (Shri Ram) का वंशज बताते हैं। 18 साल की उम्र में पद्मनाभ इटली के मिलान में डॉल्चे एंड गब्बाना (Dolce & Gabbana) इंटरनेशनल ब्रांड के लिए रैंप वॉक भी कर चुके हैं।
20 हजार करोड़ की संपत्ति के मालिक पद्मनाभ सिंह (padmanabh singh) जयपुर के राजघराने से ताल्लुक रखते हैं। वो जयपुर (Jaipur) के शाही परिवार के 303 वें वंशज हैं। इन्हें घूमने का काफी शौक है, जिसके चलते ये काफी पैसे इसमें खर्च कर देते हैं। साथ ही वो मॉडल, पोलो खिलाड़ी और ट्रैवलर हैं।
पद्मनाभ, प्रिंसेस दिया कुमारी और नरेंद्र सिंह (Narendra Singh) के बेटे हैं।13 साल की उम्र से ही किंग ने पोलो खेलना शुरू कर दिया और इसमें महारत हासिल कर ली। इसके बाद उन्हें इंडियन पोलो (Polo) टीम का हिस्सा बना लिया गया। बाद में वे टीम के कैप्टन भी बने गए। इतना ही नहीं पद्मनाभ को वर्ल्ड कप पोलो टीम में “the youngest ever player” का खिताब भी मिल चुका है।
जयपुर के इस युवा किंग को सैर-सपाटे का काफी शौक है। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वे दुनिया की संस्कृति को करीब से समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि वे ईरान को काफी अलग देश मानते हैं और वहां जाना पसंद करते हैं।
पद्मनाभ जयपुर ( Jaipur ) के पूर्व महाराज भवानी सिंह भगवान राम के बेटे कुश के 309वें वंशज थे। इस राजघराने से ताल्लुक रखने वाली पद्मिनी देवी ने खुद एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया था। इसके अलावा इस राजघराने ने अपने आधिकारिक साइट पर भी इस बात का खुलासा किया है।
बता दें साल 2011 में इस राजघराने की कुल संपत्ति 621.8 मिलियन यानि कि 44 अरब रुपये से भी ज्यादा थी, जो अब बढ़कर 48 अरब से भी