
पाहल ग्रहण करते विश्नोई समाज के लोग।
सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना
कर्नाटक के बागलकोट जिले के इलकल में आयोजित विश्नोई समाज का पाहल एवं स्नेह मिलन समारोह श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक एकता के वातावरण में सीआईएसएफ में सहायक समादेष्टा विकाश खीचड़ की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। महादेव होटल, इलकल में आयोजित इस कार्यक्रम में मानवी, सिंधनूर, लिंगसूर, कुष्टगी, हुनगुंद, अलमट्टी तथा इलकल क्षेत्र सहित आसपास के अनेक क्षेत्रों से समाजबंधु परिवार सहित बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह विधिवत हवन-यज्ञ से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि में आहुतियां अर्पित कर समाज की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की गई। इसके पश्चात जगदीश पंडित केरिया के सान्निध्य में गुरु जम्भेश्वर भगवान की परंपरा अनुसार पाहल (अमृत जल) विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुई।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि में आहुतियां अर्पित
पाहल ग्रहण करते समय समाजबंधुओं ने गुरु जम्भेश्वर द्वारा स्थापित 29 नियमों के पालन, सत्य, अहिंसा, जीव रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और नैतिक जीवन के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। विश्नोई समाज की पहचान प्रकृतिक और वन्य जीवों की रक्षा के लिए विश्वभर में मानी जाती है, और पाहल उसी जीवन दर्शन का आधार है।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े रहने का संदेश
समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने युवा पीढ़ी को धर्म, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े रहने का संदेश दिया। उपस्थित सभी परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज की एकजुटता और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं। समाज के भरत गोदारा लियादरा ने बताया कि सामूहिक महाप्रसादी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भाईचारा और उत्साह का वातावरण बना रहा।
Published on:
03 Mar 2026 07:06 pm
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