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अनोखे अंदाज में मनाया वेलेन्टाइन दिवस, प्रभु संग प्रीत और जीवों के प्रति करुणा का दिया संदेश

गढ़ सिवाना की बहू-बेटियों ने अनोखे अंदाज में वेलेन्टाइन दिवस मनाया। प्रभु संग प्रीत और जीवों के प्रति करुणा की भावना का संदेश लेकर अलग तरीके से इसे सेलिब्रेट किया गया। ममता कानूंगा ने बताया कि ग्रुप को एक वर्ष पूरा हुआ है। एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर वेलेन्टाइन दिवस के मौके पर कंचगार गली स्थित शांतिनाथ मंदिर में प्रभु संग प्रीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही संगीत सुरों के साथ अष्टप्रकारी पूजा की गई। जिस तरह हम वेलेन्टाइन दिवस पर अपने परिवार, कप्पल, मित्रों के साथ सेलिब्रेट करते हैं, कुछ इसी तरह से इस बार गढ़ सिवाना की बहू-बेटियों ने परमात्मा के साथ सेलिब्रेट किया। इस मौके पर कबूतरों को दाना-पानी डाला गया।

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सिवाना बहू-बेटी मंडल

सिवाना बहू-बेटी मंडल

हर अमावस्या को दान-पुण्य
गढ़ सिवाना की बहू-बेटियां हर अमावस्या के दिन दान-पुण्य का आयोजन करती हैं। अब तक 13 अमावस्या पर ऐसे धार्मिक आयोजन हो चुके हैं। इसमें गाय एवं कुत्तों की सेवा एवं इलाज भी किया जाता है। अमावस्या के दिन गायों को चारा खिलाने का कार्य किया जाता है। गायों को गुड़ एवं लापसी भी खिलाई जाती है। कबूतरों को दाना-पानी दिया जाता है। इसी तरह अन्य पशु-पक्षियों की सेवा के कार्य किए जा रहे हैं। हुब्बल्ली एवं आसपास के इलाकों में सेवा कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।

मानव सेवा के कार्य
सिवाना की बहू-बेटियों की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। भगवान महावीर स्वामी ने जीयो और जीने दो तथा अहिंसा परमो: धर्म का संदेश दिया था। इसी संदेश को साकार करते हुए मानव सेवा के कार्य समय-समय पर किए जा रहे हैं। हमारी यही कोशिश रहती है कि जितना हो सके हम जीवदया व धर्म के कार्यों को और आगे ले जाएं। हमें कुछ समय जीव दया के लिए जरूर निकालना चाहिए। एक संतुष्टि का भाव जीवदया से ही मिल सकता है। कुछ समय हमें पशु-पक्षियों के बीच बिताना चाहिए। इनकी सेवा से शांति एवं संतुष्टि मिलती है। हमारी प्राचीन संस्कृति भी यही रही है।

दिया सहयोग का भरोसा
इस मौके पर संचल मेहता ने भविष्य की योजनाओं के बारे में प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इसकी विस्तार से जानकारी दी। सुरेखा बाफना, ललिता संकलेचा, कांता छाजेड़, पदमा गुलेच्छा, अनीता रांका, मंजू ओस्तवाल समेत अन्य सभी सदस्यों ने मिल-जुलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। ममता कानूंगा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

आपसी परिचय बढ़ाने को लेकर बालिकाओं का ग्रुप
समाज की 15 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए अलग ग्रुप बनाया गया। इस ग्रुप में अब तक 20 बालिकाओं को शामिल किया गया है। भविष्य में और बालिकाओं को ग्रुप में जोड़ा जाएगा। आपसी परिचय बढ़ाने, समाज के कार्यक्रमों में बालिकाओं की सहभागिता बढ़ाने एवं धार्मिक-सामाजिक सेवा कार्य में बालिकाओं की रूचि पैदा करने को लेकर इस ग्रुप का गठन किया गया है। इस ग्रुप में जीनल कानूंगा, निधि गुलेच्छा, रीतू मांडौत, करिश्मा जैन, खुशी बागरेचा, प्रियम मूथा एवं काजोल धारीवाल समेत अन्य को शामिल किया गया है।