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जंगली कुत्तों के छह शावकों का जन्म, जानवरों के प्राकृतिक अनुकूलन का उदाहरण

बोंडला वाइल्डलाइफ

बोंडला वाइल्डलाइफ

जंगली कुत्तों का स्वभाव अत्यंत सतर्क
गोवा के एकमात्र चिडिय़ाघर बोंडला वाइल्डलाइफ में एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां एक बाड़े के भीतर जंगली कुत्तों के छह शावकों का जन्म हुआ है। चिडिय़ाघर प्रशासन के अनुसार यह किसी नियोजित प्रजनन कार्यक्रम का परिणाम नहीं, बल्कि जानवरों के प्राकृतिक अनुकूलन का उदाहरण है। करीब दो वर्ष पहले, जंगल में घूम रहे जंगली कुत्तों का एक झुंड हिरण का पीछा करते हुए अभयारण्य क्षेत्र में पहुंच गया था। इसी दौरान एक नर और मादा कुत्ता खाली पड़े टाइगर बाड़े के अंदर घुस गए और फिर वहीं रहने लगे। अधिकारियों ने उन्हें जबरन हटाने या पकडऩे का प्रयास नहीं किया और धीरे-धीरे दोनों जानवर सुरक्षित माहौल में बस गए। समय के साथ दोनों ने बाड़े में प्राकृतिक व्यवहार प्रदर्शित किया और हाल ही में छह शावकों को जन्म दिया। अधिकारी बताते हैं कि जंगली कुत्तों का स्वभाव अत्यंत सतर्क होता है और जन्म के बाद शावकों को मांद में छिपाकर रखा जाता है। देखभाल करने वालों के अनुसार, मादा कभी-कभी भोजन लेने बाहर आती है जबकि नर बाड़े के आसपास सतर्क निगरानी रखता है। मानव गतिविधि का संकेत मिलते ही दोनों तुरंत छिप जाते हैं, जिससे शावकों को देख पाना भी कठिन रहा।

न्यूनतम हस्तक्षेप की नीति
अधिकारियों का कहना है कि जंगली कुत्तों के बच्चे सामान्यत: एक से डेढ़ महीने बाद ही मांद से बाहर आना शुरू करते हैं, अक्सर रात या शांत समय में। उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में शावक दिखाई देने लगेंगे। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना दर्शाती है कि यदि जानवरों को सुरक्षित वातावरण मिले तो वे प्राकृतिक रूप से अनुकूलित होकर प्रजनन भी कर सकते हैं। चिडिय़ाघर प्रशासन फिलहाल न्यूनतम हस्तक्षेप की नीति अपनाए हुए है ताकि जानवरों का स्वाभाविक व्यवहार बना रहे।

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