विधायक विजयवर्गीय ने रूकवा दी थी कार्रवाई, पत्रिका ने उठाया था मुद्दा, साफ हुआ जवाहरमार्ग से पलसीकर तक की सड़क का रास्ता, आकाश विजयवर्गिय ने रूकवा दिया था तोड़फोड़ का काम
इंदौर. जवाहर मार्ग सेे पलसीकर कॉलोनी तक बनाई जाने वाली सड़क में बाधक महल कचहरी के मकान को गुरूवार को नगर निगम की टीमों ने आखिर तोड़ ही दिया। इस मकान को बचाने के लिए विधायक आकाश विजयवर्गीय ने सड़क का काम ही रूकवा दिया था। जबकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने इस मकान को जर्जर घोषित कर दिया था। लेकिन विधायक के चलते नगर निगम इस मकान को नहीं तोड़ रहा था। गुरूवार को पत्रिका द्वारा मामला उठाए जाने के बाद इस पर कार्रवाई करते हुए इसे धाराशायी कर दिया गया।
जवाहर मार्ग से पलसीकर कॉलोनी तक नदी किनारे बनने वाली सड़क के एक हिस्से को विधायक आकाश विजयवर्गीय ने रूकवा दिया था। विधायक ने इस सड़क में बाधक निर्माणों को बचाने के लिए सड़क को नदी में से बनाने के लिए अफसरों पर दबाव बनाया था। लेकिन जिस मकान को बचाने के लिए विधायक ने सड़क को रूकवाया था, उसे चार माह पहले ही केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर जर्जर बता चुके हैं। लेकिन निगम के अफसर इस पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
जवाहर मार्ग के ट्रैफिक को कम करने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बनाई जा रही इस सड़क का जवाहरमार्ग सेे लेकर चंद्रभागा पुल तक का हिस्सा बनाया जा चुका है। वहीं आगे का हिस्सा नहीं बन पा रहा था। इस हिस्से में मुकाती का बाड़ा भी आ रहा था। इसके एक हिस्से को टूटना था। लेकिन विधायक आकाश विजयवर्गीय ने बगैर मकान तोड़े ही सड़क बनाने के लिए कहा था। उन्होंने मकान को बचाने के लिए सड़क नदी में पीलर डालकर बनाने के लिए बोला था। विधायक के विरोध के चलते इस सड़क का काम ही रोक दिया था। वहीं नगर निगम ने इस बाधक निर्माण को लेकर 47, महल कचहरी, मुकाती का बाड़ा की जांच सीपीडब्ल्यूडी से करवाई थी। सीपीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त कार्यपालन यंत्री हर्षित गर्ग ने 21 अक्टूबर 2021 को जो अपनी रिपोर्ट दी थी। उसमें इसे जनता के लिए काफी खतरनाक बताया था। चार माह से निगम के अफसर इस रिपोर्ट को दबाकर बैठे थे। गुरूवार को पत्रिका ने इसका खुलासा किया था। जिसके बाद गुरूवार को ही नगर निगम ने इस मकान पर कार्रवाई की। निगम ने यहां बाधक निर्माण को गिरा दिया। निगम ने चार पोकलेन मशीनों की मदद से इस मकान पर कार्रवाई की और मकान को गिरा दिया। हालांकि इस दौरान विवाद की स्थिति बनी जरूर थी, लेकिन निगम और स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों ने मामले को अलग करते हुए कार्रवाई की।
धार्मिक स्थल को लेकर बरती सावधानी
यहां पर एक पुराना धार्मिक स्थल भी था। इस धार्मिक स्थल को कार्रवाई के दौरान किसी तरह का नुकसान न हो इसके लिए निगम के अफसरों ने पूरी सावधानी बरती। यहां रिमूवल कार्रवाई के लिए पहुंचे उपयंत्री मनीष पांडे ने धार्मिक स्थल के उपर की ओर दो पोकलेन मशीनों की मदद से धार्मिक स्थल को सुरक्षित करने के बाद पीछे की ओर से दो ओर पोकलेन मशीन लगाकर मकान को तोडऩे का काम शुरू किया गया। इस दौरान पुरे मकान को गिराने के बाद में भी धार्मिक स्थल पर किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा।
अब बन सकेगी सड़क
इस सड़क में कई बाधक निर्माण नगर निगम पहले ही हटा चुका था। वहीं बचा हुए बाधक निर्माण भी हट गया है। ऐसे में अब नदी किनारे से होकर पलसीकर तक बनाई जाने वाली सड़क का रास्ता खुल गया है। अब इस सड़क का काम तेजी से किया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि स्मार्ट सिटी कंपनी अगले सप्ताह से इस सड़क का काम शुरू करने जा रही है।