डॉ. देशमुख ने बताया कि अभिमन्यु थेरैपी के चार आयाम हैं, खान-पान, व्यायाम, संगीत और संस्कार। खान-पान और व्यायाम के बारे में आमतौर पर महिलाओं में जागरूकता है, लेकिन संगीत के असर के बारे में कम लोग जानते हैं। उन्होंने एक गर्भस्थ शिशु पर प्रयोग करते हुए बच्चे के पिता को पं. भीमसेन जोशी का गाया हुआ एक भजन रोज सुनाने को कहा। जब पिता भजन गाता तो उस वक्त सोनोग्राफी करने पर पता चला कि बच्चे के चेहरे पर खुशी के भाव हैं। ये प्रक्रिया कई दिन तक चली। एक दिन उसे पं. भीमसेन जोशी की ही आवाज में भजन सुनाया तो बच्चे ने रिएक्ट नहीं किया। यानी बच्चा पिता की आवाज को पहचानने लगा था।