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ब्लैक स्पॉट रिजलाय फाटा: 2 साल में 7 मौत, अब मार्किंग से चमका चौराहा

ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य, डिवाइडर बनाए, कट बंद किए

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ब्लैक स्पॉट रिजलाय फाटा: 2 साल में 7 मौत, अब मार्किंग से चमका चौराहा

ब्लैक स्पॉट रिजलाय फाटा: 2 साल में 7 मौत, अब मार्किंग से चमका चौराहा

इंदौर. धार रोड का रिजलाय फाटा एक्सीडेंट का ब्लैक स्पॉट बन गया है। दो साल में हुए सड़क दुर्घटनाओं में यहां 7 लोगोंं की मौत हो चुकी है। ब्लैक स्पॉट का तकनीकी टीम ने जायजा लिया, जिसके बाद सुधार कार्य करने के बाद मार्किंग कर चौराहे को सुधार दिया गया है। जिससे चौराहा चमक रहा है।

पुलिस ने 14 ब्लैक स्पॉट बनाए हैं, जिसमें धार रोड के रिजलाय फाटा का नया नाम भी जुड़ गया था। यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही थीं। ग्रामीण इलाके की सड़क का कट पाइंट होना और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होने से यहां खतरनाक स्थिति बन गई थी। पुलिस ने ब्लैक स्पॉट की सूची में इसेे शामिल किया, जिसके बाद नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआइ व एमपीआरडीसी के अफसरों ने दौरा कर कमियां बताते हुए सुधार के निर्देश दिया था।रिजलाय चौराहे पर हाल के समय में अतिक्रमण हो गए थे, जिन्हें हटाने के लिए कहा गया। साथ ही यहां रंबल स्ट्रीप डिवाइडर बनाने के साथ ही रोड मार्किंग करने के लिए भी कहा गया, ताकि वाहनोंं की गति कम हो जाए। ग्रामीण इलाके से आने वाले वाहन कट से सीधे मुख्य सडक़ पर आ जाते थे, इसे भी बंद करने के लिए कहा गया।

कलेक्टर के सामने ब्लैक स्पॉट की रिपोर्ट रखी गई, जिसके बाद वहांं प्रशासन सक्रिय हो गया। एसीपी ट्रैफिक अजीतसिंह चौहान के मुताबिक, रिजलाय फाटे पर सुधार के काम किए गए है। डिवाइडर बनाकर मार्किंग कर दी गई है, जिसके कारण चौराहा चमक गया और दूर से ही वाहन चालकों को मार्किंग दिख जाती है।