
VIDEO : बिल्डर अरुण डागरिया का बंगला कुर्क, बंगले पर लिया था 8 करोड़ का लोन, ग्रीन बेल्ट पर खड़ी सल्तनत
मोहित पांचाल @ इंदौर. माफिया मुहिम में अब सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त करने के साथ में अवैध कॉलोनी काटने वाले भी रडार पर हैं। ऐसे सभी ‘कलाकारों’ की सूची तैयार की जा रही है। इसके लिए एडीएम ने पटवारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
इंदौर में अवैध कॉलोनियों का पहले ही साम्राज्य खड़ा है और ये सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं के साथ सीलिंग की सरकारी जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने के अलावा निजी जमीनों पर भी अवैध कॉलोनियां कट रही हैं। ऐसे भू-माफियाओं पर भी अब शिकंजा कसने जा रहा है। कल कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव के निर्देश पर एडीएम बीबीएस तोमर ने सभी एसडीओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई और पटवारियों की बैठक बुलाई थी। सभी को कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की अवैध कॉलोनी, उनके खसरा नंबर और काटने वालों की सूची उपलब्ध कराएं। दो टूक शब्दो में कहा गया है कि मुहिम में फर्जीवाड़ा बिलकुल नहीं चलेगा। ऐसे नामों को देने की जरूरत नहीं है जिन्होंने गाय-भैंस बांधने के लिए सरकारी जमीन पर बाड़ा बना लिया हो। हमे या तो सरकारी जमीन की खरीद फरोख्त करने वालों की सूची चाहिए या फिर ऐसे लोगों की जिन्होंने बड़े पैमाने पर जमीन पर कब्जा कर रखा है और उस पर भव्य निर्माण कर लिया है। इसके अलावा कलेक्टर ने ऐसी निजी जमीनों की सूची भी मांगी है जिस पर बिना टीएनसीपी से नक्शा पास हुआ है और अवैध कॉलोनी काटी गई है। ये सूची तीन दिन में सौपने के निर्देश दिए गए हैं।
बेलमोंट पार्क के बिल्डर अशोक डागरिया के संपत एवेन्यू स्थित बंगले को प्रशासन ने कुर्क कर लिया। बंगले पर उसने 8 करोड़ का लोन ले रखा था, जिसे नहीं चुकाने पर ये कार्रवाई हुई। आईडीए की योजना 78 के बेलमोंट पार्क के बिल्डर डागरिया और अतुल सुराणा के खिलाफ कई लोगों ने प्रशासन और पुलिस को शिकायत कर रखी है। एक ही फ्लैट के कई लोगों से पैसे ले रखे हैं और किसी और को रजिस्ट्री कर दी। इसके चलते माफिया मुहिम में डागरिया का नाम भी है। उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। आज एसडीएम अंशुल खरे के नेतृत्व में डागरिया के घर पर कार्रवाई की जा रही है। उसने २५ हजार वर्गफीट पर आलीशान कोठी बना रखी है, जिस पर आईआईएफएल से 8 करोड़ रुपए का लोन लिया था। लोन नहीं चुकाए जाने पर बैंक ने सरफेसी एक्ट में संपत्ति का कब्जा दिलाने का केस लगाया था। इस पर कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने आदेश जारी कर दिया। कोठी में विदेशी पत्थर लगे हैं, तो अंदर स्वीमिंग पुल सहित कई आलीशान वस्तुएं लगी हैं।
कौन अफसर था मतलब नहीं
तोमर ने बैठक में साफ कहा है कि किसी तरह के संशय की जरूरत नहीं है। हमें सिर्फ जमीन और काटने वाले का नाम चाहिए। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उस समय कौन अफसर या कौन पटवारी इसका जिम्मेदार था। सरकार की मंशा भू-माफियाओं को सबक सिखाने की है।
ग्रीन बेल्ट पर खड़ी हुई सल्तनत
इंदौर में सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियों का निर्माण ग्रीन बेल्ट की जमीन पर हो रहा है। मास्टर प्लान २०२१ में बायपास से लगे हुए एक दर्जन से अधिक गांवों को ग्रीन बेल्ट में ले लिया है। इसमें उमरिया खुर्द, उज्जैनी, रादरा, बिहाडिय़ा, जामनिया खुर्द, सनावदिया, देवगुराडिय़ा, कैलोद करताल, बिलावली, तेजाजी नगर से लेकर आसपास के प्रमुख गांव है। इसके अलावा अहिरखेड़ी भी ग्रीन बेल्ट पर है जिसमें भी कुंदन नगर से लेकर कई बड़ी अवैध कॉलोनियां बनकर तैयार हो गई है।
...कहीं डागरिया का दांव तो नहीं
माफियाओं के खिलाफ मुहिम में अवैध निर्माण तोड़े जा रहे हैं। इसको देखते हुए डागरिया ने कहीं बैंक के साथ मिलकर खेल तो नहीं कर दिया। सरफेसी में केस चल रहा था, जिसका फैसला भी हो गया था। बैंक से मिलकर कुर्की करवा दी। ऐसे में बंगला टूटने से बच जाएगा। बाद में नीलामी से पहले डीआरटी में केस लगाकर पैसे भर दिए जाएंगे।
Published on:
17 Dec 2019 12:42 pm
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