30 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

65 लाख की होगी वसूली

पूर्व सरपंच अनुराधा जोशी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज
2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Anil Phanse

Jul 26, 2022

65 लाख की होगी वसूली

65 लाख की होगी वसूली

महू। जनपद पंचायत महू की कोदरिया पंचायत की पूर्व सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार व आर्थिक अनियमितता को लेकर थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया है। सरपंच के खिलाफ जल कर, वाटर एटीएम व विकास कार्यों की राशि में लाखों रुपए का भ्रष्टाचार करने का प्रमाण जांच में सामने आया है। इस पर उसके खिलाफ 65 लाख 78 हजार 958 रुपए की राशि की वसूली की कार्रवाई की गई है।

महू जनपद पंचायत की पंचायतों में भारी भ्रष्टाचार के समाचार लंबे समय से मिल रहे थे। जिस पर अब पुलिस की शरण में जाकर एफ आई आर दर्ज होना आरंभ हो गई है। हाल ही में महू जनपद क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कोदरिया की सरपंच अनुराधा जोशी के खिलाफ भारी भ्रष्टाचार व आर्थिक अनियमितता की जांच की गई, जो सही पाई गई। इस पर बडग़ोंदा थाने में उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार अनुराधा जोशी ने अपने कार्यकाल में भारी भ्रष्टाचार किया, जिसमें प्रमुख रूप से इस पंचायत क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पानी को लेकर थी। जांच में पाया गया है कि नर्मदा के पानी को लेकर जोशी ने राशि तो नागरिकों से ली, लेकिन नगर निगम को उसका भुगतान नहीं किया। इसमें जोशी ने 5 लाख 11 हजार 785 रुपए की अनियमितता की है। राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर निगम ने कई बार ग्राम पंचायत में जल वितरण करना बंद कर दिया था, जिसके कारण यहां के नागरिकों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार सचिव दयाशंकर आर्य, श्रीराम बरोलिया, मनोज चौहान, मदन मालवीय व नरेंद्र पडिय़ार के खिलाफ धारा क्षेत्र में प्रकरण दर्ज कराया गया है। अनुराधा जोशी के खिलाफ आरोप कई वर्ष पूर्व भी साबित हो चुके थे, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही थी न ही कोई प्रकरण दर्ज कराया गया। अब जिला पंचायत ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है, जिस पर जनपद पंचायत के अधिकारी सुनील कुमार नामदेव ने पांच सचिव व सरपंच अनुराधा जोशी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व ग्राम पंचायत मेण के पूर्व सरपंच के खिलाफ भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। सही पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कराया जा चुका है।

उपसरपंच ने की थी शिकायत
उप सरपंच सुनील यादव ने 11 मई को ग्राम पंचायत में ग्रामसभा बैठक भी नियमित रूप से नहीं करने को लेकर एक शिकायत की थी, जो जांच में सही पाई गई। बताया जाता है कि पूर्व सचिव नरेंद्र परिहार ने जब से ग्राम पंचायत कोदरिया का कार्यभार संभाला था तब से निर्वाचित पंचों की एक भी बैठक आयोजित नहीं की, जिसमें सरपंच सचिव पूर्ण रूप से दोषी पाया गया। मामलों में सरपंच व पांचों सचिव के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर राशि वसूली की कार्रवाई की मांग की गई है। सरपंच के खिलाफ आम परसेंटेज होने के बाद 65 लाख 78 हजार 958 रुपए की राशि की वसूली की जाएगी।