झिरन्या का मामला
झिरन्या थाना चैनपुर के अंतर्गत चित्तौड़- भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग पर हेला पडावा चौकी के सामने वाहन चेकिंग करते एक ट्रक तिरपाल से ढंका हुआ पकड़ा गया। इसको चेक करने पर 12 नग गोवंश मिल, जिसमें 10 गायें और दो छोटे बछड़े क्रूरतापूर्वक भरे पाए गए, जिसे झिरन्या हरिओम गोशाला में रखा गया। ड्राइवर और उसके तीन अन्य साथियों के विरुद्ध धारा-46 मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम व धारा 11 में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। चारों आरोपियों को न्यायालय भीकनगांव पेश किया गया। चारों आरोपियों को न्यायालय ने जिला जेल खरगोन भेज दिया। उक्त कार्रवाई में पुलिस चौकी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक रमेश पवार, आरक्षक हरिनारायण, थाना चैनपुर के सहायक उपनिरीक्षक पूनमचंद पवार व आरक्षक लक्की ने सहयोग किया।
चोरी के फोन बेचने वाले और व्यापारी होंगे उजागर
इंदौर। भंवरकुआं पुलिस के हत्थे चढ़े मोबाइल फोन लुटेरों ने चोरी के मोबाइल इंदौर के जेल रोड में खपाए हैं। पुलिस उन व्यापारियों की भी तलाश कर रही है, जिन्होंने इन चोरों से सेङ्क्षटग कर मोबाइल की खरीदी-बिक्री की। चोरों की निशानदेही पर चोरी के मोबाइल खरीदने वाले गिरफ्तार दो कारोबारी ङ्क्षप्रस और सन्नी के घर से जब्त 30 लाख के मोबाइल की कॉल डिटेल में भी कई राज छिपे हैं। यह भी पता लगा है कि इनके संबंध इंदौर सहित अन्य जिलों के चोरों से भी हैं। जल्द ही पर्दे के पीछे छिपे मोबाइल कांड में जुड़े व्यापारियों के नाम से पर्दा उठेगा। भंवरकुआं थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया सहित अन्य पुलिस अधिकारियों की टीम मोबाइल गिरोह से पूछताछ कर रही है।
इस तरह खुल रही गिरोह की पोल- उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले भंवरकुआं पुलिस ने तीन इमली चौराहा से ङ्क्षप्रस गोदवानी पिता राजेश निवासी खातीवाला टैंक को पकड़ा था। ङ्क्षप्रस ने अरुण चौहान के साथ मिलकर मोबाइल लूटा और उसे सन्नी को बेच दिया। पुलिस ने जब सन्नी को पकड़ा तो पता चला कि उसने मोबाइल प्रदीप पिता जयपालदास माधवानी निवासी जयराम कॉलोनी को बेचा है। इसके घर की तलाशी लेने पर कई महंगे मोबाइल मिले हैं, जो महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों से चुराए गए हैं।