
एआई जनरेटेड
Crime News: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि उसी के जैसा एक और सनसनीखेज मामला खुड़ैल थाना क्षेत्र से सामने आ गया। फर्क सिर्फ इतना रहा कि इस बार फरियादी की किस्मत अच्छी निकली और वह वक्त रहते साजिश को भांप गया।
एक महिला ने अपने प्रेमी को भाई बताकर वकील से शादी की, फिर उसे शिलांग ले जाकर कथित रूप से जहरीला पदार्थ देकर मारने की कोशिश की। शक गहराया तो साजिश की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने वकील की शिकायत पर नीलिमा सेंगर (निवासी उत्तर प्रदेश) और उसके साथी शुभम सेंगर उर्फ गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच कर रहे एसआइ सत्येंद्रसिंह सिसोदिया के अनुसार फरियादी
वकील ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एक मैट्रिमोनियल साइट पर महिला का प्रोफाइल देखा था। महिला ने खुद को तलाकशुदा बताया। बातचीत का सिलसिला बढ़ा, मुलाकातें हुई और दोनों ने सहमति से शादी कर ली। शुरुआती दिनों में सब सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे एक युवक शुभम का घर पर आना-जाना बढ़ने लगा। पूछने पर महिला ने उसे अपना भाई बताया। वकील को उस समय कोई शक नहीं हुआ।
कुछ समय बाद महिला पति को लेकर शिलांग घूमने गई। वहां घूमने-फिरने के दौरान एक दिन महिला ने खाने में कुछ ऐसा दिया, जिसके बाद वकील की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें खून आने की शिकायत हुई। यहीं से शक गहराया। जब उन्होंने पत्नी से सवाल किए तो उसने किसी भी तरह का जहरीला पदार्थ देने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन फरियादी को लगा कि मामला गंभीर है। उन्होंने सतर्कता बरती और खुद को संभाला। फरियादी को आशंका है कि उन्हें जानबूझकर शिलांग ले जाया गया था, ताकि सुनसान इलाके में ले जाकर किसी खाई में धक्का देकर हत्या की जा सके, बिल्कुल चर्चित राजा रघुवंशी कांड की तरह।
वकील ने महिला के अतीत की पड़ताल शुरू की। तलाक से जुड़े दस्तावेज कोर्ट से निकलवाए गए। सच्चाई सामने आ गई। महिला के पहले पति ने कोर्ट में दस्तावेज पेश कर बताया था कि जिसे महिला अपना भाई बताती है, वह उसका प्रेमी है। इतना ही नहीं, शुभम का असली सरनेम भी से सेंगर नहीं बल्कि गुप्ता निकला। इन दस्तावेजों ने पूरी कहानी पलट दी। साफ हो गया कि प्रेमी को भाई बताकर शादी रचाई गई थी।
एसआइ सिसोदिया के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। उनकी तलाश के लिए टीम गठित की गई है।
जब महिला को अंदेशा हुआ कि उसकी पोल खुल चुकी है, तो वह लाखों रुपए के जेवर लेकर फरार हो गई। फोन पर हुई बातचीत में उसने यह स्वीकार भी किया कि शुभम उसका प्रेमी है और उसी को भाई बताकर मिलवाया था। पुलिस के मुताबिक, प्राथमिक जांच में मामला आर्थिक लाभ के लिए रची गई साजिश का प्रतीत हो रहा है। शादी के जरिए भरोसा जीतकर संपत्ति और जेवर हड़पने की योजना बनाई गई थी। हत्या की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है।
Updated on:
20 Feb 2026 03:03 pm
Published on:
20 Feb 2026 02:35 pm
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