
इंदौर. नई सहकारी संस्थाओं के पंजीयन के लिए अब लोगों को सहकारिता विभाग के दफ्तर के चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार ने नई संस्थाओं के पंजीयन का काम लोकसेवा गारंटी योजना के तहत शामिल कर लिया है। जिसके चलते अब संस्थाओं के पंजीयन का काम ऑनलाइन ओर समयबद्ध तरीके से हो सकेगा। ये रजिस्ट्रेशन सरकार के कियोस्क के माध्यम से किया जा सकेगा।
राज्य सहकारिता आयुक्त ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। अभी तक संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन के लिए इच्छुक लोगों को परेशान होना पड़ता था। सहकारिता विभाग में फार्म जमा करने के बाद उसकी प्रक्रिया के लिए ही विभाग के चक्कर काटने पड़ते थे। इससे अब लोगों को निजात मिल जाएगी। अब संस्था के रजिस्ट्रेशन के लिए संबंधित अधिकारी को 45 दिनों में ही निर्णय लेकर उसकी जानकारी संबंधित को लोकसेवा गारंटी के तहत बताना होगा।
जारी की पूरी प्रक्रिया
अपने आदेश में आयुक्त ने किस तरह से रजिस्ट्रेशन होगा उसकी पूरी प्रक्रिया भी जारी की है। अब इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए रजिस्ट्रेशन होगा।
- निर्धारित प्रारूप में आवेदन ऑनलाइन भरा जाएगा।
- इसमें कम से कम 20 परिवारों के व्यक्तियों के नाम देना होंगे।
- पहले आवेदक के नाम का ई-केवायसी प्रमाणीकरण किया जाएगा। उसके रजिस्ट्रेशन के बाद उसके मोबाइल पर एक ओटीपी नंबर आएगा, जिसके बाद वो पूरी प्रक्रिया कर पाएगा।
- पंजीयन आवेदन मे प्रथम हस्ताक्षरकर्ता का प्रमाणीकरण ईकियोस्क के माध्यम से किया जाएगा।
- वहां से उसे कम्प्यूटराइज्ड पावती दी जाएगी। जिसमें उसके निराकरण की समय सीमा का ओर किस अधिकारी को भेजी गई है, उसका भी उल्लेख होगा।
- संस्था की सदस्यता हेतु समस्त सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन पत्र देना होंगे।
- संस्था के प्रस्तावित अध्यक्ष (प्रवर्तक) की जानकारी और घोषणआ पत्र भी देना होगा।
- कार्यक्षेत्र में अन्य संस्था के पंजीयन नहीं होने के बाबत शपथ-पत्र भी देना होगा। ये शपथ-पत्र साख और गृह निर्माण संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं देना होगा।
- पंजीयन प्रस्ताव के समस्त सदस्यों के आधारकार्ड की सत्यापित प्रतिलिपी।
- अगले पांच सालों में संस्था की कार्ययोजना।
- प्रस्तावित संस्था की उपविधियों की चार प्रतियां।
- आवेदन के आनेके पांच दिन के अंदर संबंधित अधिकारी को संस्था के संगठक नियुक्ती का आदेश जारी किया जाएगा। जिसकी प्रथम प्रति हस्ताक्षरकर्ता प्रवर्तक और जिला सहकारी बैंक की संबंधित शाखा को भी भेजी जाएगी।
- संगठक नियुक्ती के तुरंत बाद संस्था के सदस्यों से मुलाकात कर एक बैठक बुलाएगा। जिसमें सहकारिता नियमों की उन्हें जानकारी देने के साथ ही उनके द्वारा दिए गए आधार कार्ड के नंबरों का भी प्रमाणीकरण किया जाएगा।
- आदेश मिलने के 10 दिनों में संगठक को संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन संबंधी कार्रवाई करना होगी। जिसमें रजिस्ट्रेशन प्रस्ताव तैयार करने ओर अन्य काम शामिल होंगे। और उसके अगले पांच दिनों में संगठक को संबंधित जानकारी सहकारिता विभाग के संबंधित दफ्तर में जमा करना होगी।
- समस्त कार्रवाई होने के बाद विभाग के संबंधित कार्यालय द्वारा संस्था के रजिस्ट्रेशन संबंधी आदेश एवं प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।
- पूरी कार्रवाई की जानकारी वेबपोर्टल पर दर्ज रहेगी।
इन संस्थाओं को होगा फायदा
रहवासी संघ, उर्जा संस्था, परिवहन संस्था, गृह निर्माण, सहकारी साख, शैक्षणिक, उपभोक्ता भंडार, दुग्ध, मछली पालन, वेयर हाउस सहित अन्य संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन इसके तहत होंगे।
Published on:
08 Mar 2018 08:08 am
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