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कोर्ट में पेश करना था ‘2002’ में पैदा हुए रोहित को, ले आए ‘1990’ में जन्मे रोहित को…

MP News: जमानत पर चल रहे रोहित के कोर्ट में पेश नहीं होने पर उसका गिरफ्तारी वारंट जारी किया था...

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indore police

indore police (Photo Source - Patrika)

MP News: इंदौर पुलिस ने केवल नाम और पिता के नाम पर ही एक निर्दोष को दोषी बताते हुए कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट में जब सच्चाई सामने आई तो कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए 3 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। निर्दोष को आजाद कर दिया। मामला अपर सत्र न्यायाधीश सोनल पटेल की कोर्ट का है। यहां परदेशीपुरा थाना में दर्ज हत्या के प्रयास के केस में रोहित पिता विजय यादव आरोपी है।

जमानत पर चल रहे रोहित के कोर्ट में पेश नहीं होने पर उसका गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके पालन में पुलिस ने रोहित यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जिस रोहित को गिरफ्तार लाया उसकी ओर से पेश अभिभाषक ने कोर्ट को बताया कि जिस रोहित को गिरफ्तार कर पेश करने को कोर्ट ने कहा था, वह अन्य व्यक्ति है। जिसे लाया, वह दूसरा है। इसके लिए उन्होंने रोहित का आधार कार्ड पेश किया था।

रिकॉर्ड से पता चला

कोर्ट ने रोहित की गिरफ्तारी के समय का रिकॉर्ड देखा तो पाया कि आरोपी रोहित की जन्म तारीख 19 अगस्त 2002 है, उसके दाहिने हाथ के पंजे पर ओम गुदा है और उसकी छाती पर तिल है। जबकि, जिसे पेश किया, उसके आधार में जन्म तारीख 19 जनवरी 1990 है। हाथ पर आर लिखा है और छाती पर तिल भी नहीं है। शारीरिक बनावट भी अलग होने पर कोर्ट ने माना कि जिसे पेश किया है, वह अन्य व्यक्ति है और आरोपी कोई और है। निर्दोष होने पर उसे न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जा सकता।

कोर्ट ने मांगा जवाब- अन्य व्यक्ति को कैसे पेश किया

कोर्ट ने परदेशीपुरा टीआइ से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है? कि बगैर पड़ताल के किसी अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर कोर्ट में कैसे पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख तय करने के साथ आरोपी रोहित यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के लिए वारंट भी जारी कर दिया।