स्कूल भवन नहीं होने से सूखे पेड़ पर फहराया तिरंगा
झिरन्या। शासकीय प्राथमिक विद्यालय कुकडिय़ा मुहाल में स्कूल भवन नहीं होने के कारण तिरंगे को सूखे पेड़ के ऊपर लगाकर फहराया और गणतंत्र दिवस मनाया गया। चार साल से स्कूल भवन पूरी तरह से टूट चुका है। बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने के लिए जहां ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है, वहीं इस स्कूल में बच्चों को पानी भी नसीब नहीं है।
झिरन्या अंचल के 90 स्कूल अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही चल रहे हंै। आदिवासी अंचल में शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त नजर आ रही है। इसकी मिसाल झिरन्या ब्लॉक की स्कूलों में देखी जा सकती है। जनपद की ग्राम पंचायत नरवट के अंतर्गत कुकडिय़ा मुहाल का एक ऐसा स्कूल भी है, जो शासकीय भवन में न लगते हुए पीएम आवास में लग रह रहा है।
ग्रामीण पठान पटेल, शेर सिंह पटेल, चमार कुमार पटेल, शांतिलाल खाजिया ने बताया कि यहां स्कूल का कोई अता-पता नहीं है। पुराना स्कूल खंडहर हो चुका है, इसलिए प्राथमिक शाला में पढऩे वाले बच्चों को ग्रामीण पठान पिता रजान के पीएम आवास में बैठकर पढ़ाया जा रहा है। शासकीय प्राथमिक विद्यालय हनुमान फालिया का स्कूल भी बेहद हालत जर्जर हो चुका है। पीने के लिए पानी नहीं है। बच्चे तालाब नदी-नालों का पानी पी रहे हैं।
नए भवन का प्रस्ताव भेजा
अभी शेरू पठान के घर पीएम आवास के एक कमरे में स्कूल लग रहा है। नए भवन का प्रस्ताव हमने दुबारा भेज दिया है। परमानेंट अध्यापक 90 स्कूलों में नहीं है। इन्हें अतिथि शिक्षक ही चला रहे हैं। मैं जांच करवाता हूं, अगर अतिथि शिक्षक नियमित नहीं आता है तो उसे हटा देंगे और दूसरे शिक्षक को भेजेंगे।
राघवेन्द्र जोशी, बीआरसी झिरन्या