
स्टेट हज कमेटी अध्यक्ष के चुनाव रस्म अदायगी तो नहीं ?
इंदौर। 6 दिसंबर को स्टेट हज कमेटी के अध्यक्ष पद का चुनाव होने जा रहा है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रफत वारसी के नाम पर लगभग सहमति बन गई है। नाम औपचारिकता की महज घोषणा बाकी है। इसके साथ मोर्च अध्यक्ष बनने वाले दावेदारों ने भी खम्ब ठोकना शुरू कर दिया है।
मुस्लिम समाज में पवित्र हज यात्रा का बड़ा ही महत्व होता है। हर मोमीन की ख्वाईश होती है कि वे जीवन में एक बार वहां जाए। इसी तरह सत्ताधारी अल्पसंख्यक नेता की भी इच्छा होती है कि वह हज कमेटी का अध्यक्ष बनकर हज यात्रियों की खिदमत करे। इस बार ये मौका भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रफत वारसी को मिलने की पूरी संभावना है। संगठन ने लगभग उनके नाम पर मन बना लिया है। वहीं 12 सदस्यों में कोई बड़ा नाम भी नहीं है।
इधर, वारसी के हज कमेटी अध्यक्ष बनने के बाद मोर्चा अध्यक्ष पद खाली हो जाएगा, क्योंकि पार्टी भी चुनावी वर्ष में इतने महत्वपूर्ण पद को खाली नहीं छोड़ेगी या एक व्यक्ति को दो पद नहीं देगी। अध्यक्ष पद को खाली होता देख मोर्चा के कई नेता दौड़ में शामिल हो गए हंै। इसमें मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष रहे राशिद खान, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष रहे शोकत मोहम्मद खान, पूर्व मोर्चा अध्यक्ष हिदायत उल्ला खान के अलावा मौजूदा प्रदेश उपाध्यक्ष नासिर शाह भी शामिल हैं। शाह के अलावा तीनों नेता महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर रह चुके हैं। इस वजह से एक संभावना ये भी बन रही है कि ये पद इंदौर के खाते में दिया जा सकता है।
संगठन महामंत्री की चलेगी पसंद
गौरतलब है कि भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा में अध्यक्ष पद पर नियुक्ति में संगठन महामंत्री हितानंद की चलेगा। वक्फ बोर्ड के अ ध्यक्ष सन्नवर पटेल जो कि पूर्व में प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष भी थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा से नजदीकी का फायदा मिला। बाद में वारसी को बनाया गया जिनका नाम हितानंद ने दिया था। अब वे हटेंगे तो संभावना पूरी है कि उनकी ही पसंद को तवज्जो दी जाएगी।
Published on:
04 Dec 2022 10:46 am

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