5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अगर दोस्त नहीं है तो बना लीजिए, वरना हो जाएगी दिमाग की ये गंभीर बीमारी

जिन लोगों के जीवन में दोस्त या साथी नहीं होते उनमें कई तरह की मानसिक बीमारियां देखी जा सकती हैं

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Amit Mandloi

Aug 03, 2018

friendship

अगर दोस्त नहीं है तो बना लीजिए, वरना हो जाएगी दिमाग की ये गंभीर बीमारी

इंदौर. वर्तमान समय में तनाव बहुत बढ़ गया है। पर्सनल से लेकर प्रोफेशनल लाइफ हर जगह कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे में किसी से अपने दिल की बात ना कह पाना भी तनाव का प्रमुख कारण हो सकता है। कुछ परेशानियां ऐसी होती है जो हम परिवार और रिश्तेदारों से साथ साझा नहीं कर सकते हैं। ऐसे वक्त में दिल बात कहने के लिए जरूरत होती है दोस्तों की। किसी ने ठीक ही कहा है दोस्त वह परिवार है जिन्हें हम खुद चुनते हैं। दोस्त मुश्किल घड़ी में काम आते हैं, भावनात्मक संबल देते हैं। लेकिन कई लोग दोस्ती एवं दोस्तों से दूर रहते हैं। जो लोग अपने जीवन को एकाकी गुजारना चाहते हैं, उन्हें जीवन में कई प्रॉब्लम्स फेस करना पड़ती हैं। हमने शहर के साइकोलॉजिस्ट से यह जानने की कोशिश की कि जीवन में दोस्तों का क्या महत्व होता है। साथ ही एेसे व्यक्ति जीवन में क्या खो देते है जो दोस्तों से दूर रहते हंै।

मानसिक बीमारियां होने के आसार ज्यादा

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. एमएस होरा का कहना है कि केवल फिजिकल फिटनेस से हम खुद को हेल्दी नहीं कह सकते। हमें भावनात्मक रूप से भी मजबूत होना होगा, जिसके लिए हमारे दोस्तों से बेहतर विकल्प कोई नहीं है। जो बातें हम फैमिली को खुलकर नहीं कह पाते, उन्हें आसानी से दोस्तों के सामने रख देते हंै। शेयरिंग एवं केयरिंग अपने आप में एक ट्रीटमेंंट है। जो लोग मन का बोझ हल्का कर लेते हैं, उनके जीवन से कई समस्याएं अपने आप ही कम हो जाती हैं।

डॉ. होरा का कहना है कि जिन लोगों के जीवन में दोस्त या साथी नहीं होते उनमें कई तरह की मानसिक बीमारियां देखी जा सकती हैं। आजकल लोग अधिक डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। सुसाइड के कई केस बीते दिनों देखने में आए। दिमागी रूप से अस्थिर व्यक्ति डिसीजन मेकिंग प्रभावी रूप से नहीं कर पाता। एेसे वक्त किसी सच्चे दोस्त का करीब होना जरूरी है जो आपको सही राय दे। आप खुलकर उससे अपनी दिल की बात कहें जिससे आप खुद को हल्का महसूस करें। मित्रता लोगों के जीवन को खुशियों से भर देती है। दोस्तों के साथ खुलकर बातें करना एक अलग ही आनंद का क्षण होता है।

लाइफ स्पैन अधिक रहता है
वहीं इस बारे में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र देशपांडे का कहना है अगर आपके पास आपका बेस्ट फ्रेंड है तो आप कई प्रॉब्लम्स से बच जाते हैं। आप अपनी फीलिंग्स को लगातार वेंटिलेट करते हैं जिससे आपका मन स्ट्रेस फ्री रहता है। लेकिन अगर आप अंदर ही अंदर घुटते हंै तो आप प्रॉब्लम्स से घिर सकते हैं। अगर आप किसी क्राइसिस में हैं तो फ्रेंडस आपको उससे ओवरकम करने में मदद करते हैं। कई रिसर्च में यह बात साफ हुई है कि जो लोग अधिक सोशल रहते हैं उनका लाइफ स्पैन भी आम लोगों की तुलना में अधिक रहता है। दोस्त न होने से डिप्रेशन होना एक प्रमुख समस्या है।

सुसाइडल टेंडेंसी बढ़ी
डॉ. देशपांडे का कहना है, आज के तनाव भरे दौर में एकाकी रहने से सुसाइडल टेंडेसी की प्रॉब्लम बढ़ी है। साथ ही हार्ट डिसीज भी देखी जा सकती है। हम मनुष्य हैं। हम जो भी आनंद का भाव महसूस करते हंै उसे दूसरों के साथ शेयर करने से वह कई गुना बढ़ जाता है।

यूं बनें मिलनसार
1. पुराने दोस्तों के संपर्क में रहें। पुरानी मित्रताओं को जीवित करें।
2. लगातार गेट-टू-गेदर एवं मिलन समारोह का आयोजन करें। सामाजिक कार्यक्रमों में जाएं।
3. लगातार नए दोस्त तलाश करें।