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Ganesh Chaturthi 2017: आने वाले गणेश विसर्जन पर इस शुभ मुहूर्त में ही करें पूजा

हिंदू पंचाग के अनुसार दशमी तिथि में तिथि वृद्धि होने के कारण ऐसा हुआ है। तिथि के दिन बढऩे से इस बार गणेश विसर्जन अब 12वें दिन यानी की 5 सिंतबर को होगा

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 Anant Chaturdashi

ganesh visarjan

श्री गणेश उत्सव यानी की गणेश चतुर्थी इस वर्ष २५ अगस्त से शुरू हो 5 सितंबर तक रहेगी। यह उत्सव में पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। हर तरह के बड़े से बड़े एक से बढक़र पांडाल तने हैं जहां गणेश जी को स्थापित किया है। इस समय पूरे देश में हर्षोल्लास का माहौना बना हुआ है। शाम में सभी फ्री होकर निकल जाते हैं गणेश दर्शन को।
सुबह आरती शाम में आरती हर जगह बस यही ध्वनी सुनाई देती है। पूरे देश में भक्ति की सुगंध फैली होती है। श्री गणेश जी की कृपा सभी पर बनीं रहे इसलिए इस समय सारा देश भक्ति में रमा हुआ है।

तिथि बढऩे से इस बार गणेश विर्सजन अब 12वें दिन

हर साल 10 दिन के लिए गणेश उत्सव मनाया जाता है, पर इस वर्ष यह गणेश उत्सव 11 दिनों के लिए मनाया जाना है। इस वर्ष यही खास बात है कि इस बार गणेश पूजन 11 दिनों लिए होगा। असल में हिंदू पंचाग के अनुसार दशमी तिथि में तिथि वृद्धि होने के कारण ऐसा हुआ है। तिथि के दिन बढऩे से इस बार गणेश विसर्जन अब 12वें दिन यानी की 5 सिंतबर को होगा।

गणेश जी ने गजकेसरी योग में विराजे थे

वैसे इस साल गणेश जी ने गजकेसरी योग में विराजे थे, जिससे छात्रों, बुद्धिजीवों के साथ-साथ राजनीतिज्ञों के लिए बहुत लाभकारी माना जा रहा है। यह योग कई शुभ संयोग लेकर आया है। इसकी सबसे अहम बात यह है कि इस संयोग में कर्मधिपति शनि की चाल धीमी रहेगी। जिसके फलस्वरूप सभी राशियों पर शनिदेव का प्रकोप का असर कम रहेगा अथवा समाप्त ही रहेगा। सभी के बिगड़े काम बनने लगेंगे।

अगले बरस आने की प्रार्थना की जाती है

इस बार चूंकि 11 दिन गणेश विराजेंगे तो विसर्जन 5 सिंतबर को संपन्न होगा। विसर्जन के समय किसी नदी या तालाब या समंदर में गणेश प्रतिमा को विसर्जित कर उनसे अगले बरस आने की प्रार्थना की जाती है। विसर्जन करते समय आरती की जाती तथा इसके बाद एक लाल कपड़े में गुड़ और पांच अन्य अनाज को उस कपड़े में बांधा जाता है। इस कपड़े को गणेश जी के हाथ में बांधा जाता है जिसका मतलब होता है कि उनकी यात्रा के लिए खाना तैयार किया गया है। उसके बाद मंत्र्त्रोच्चारण के बाद गणेश प्रतिमा को विसर्जित किया जाता है।

जानिए क्या हैं गणेश विसर्जन के शुभ मुहुर्त

सुबह का मुहूर्त (चार, लाभ, अमृत) - 09:33 बजे- 14:11 अपराह्न
दोपहर का मुहूर्त (शुभ) - 15: 44 बजे- 17:15 बजे
शाम का मुहूर्त (प्रयोग) - 20:17 अपराह्न - 21: 43 बजे
रात का मुहूर्त (शुभ, अमृत, चार) - 23:12 बजे

विसर्जन तिथि
4 सितंबर, 2017 को चतुर्दशी तिथि- सुबह 12:15 बजे शुरू होगी
चतुर्दशी तिथि 5 सितंबर, 2017 को 12:40 बजे समाप्त हो जाएगी

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