12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#AccidentZone; ‘लवकुश’ की ओर जा रहे हैं तो वक्त लेकर चलें, यहां है बैरिकेड्स का जाल

अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का सुझाव

1 minute read
Google source verification
#AccidentZone; ‘लवकुश’ की ओर जा रहे हैं तो वक्त लेकर चलें, यहां है बैरिकेड्स का जाल

#AccidentZone; ‘लवकुश’ की ओर जा रहे हैं तो वक्त लेकर चलें, यहां है बैरिकेड्स का जाल

इंदौर. लवकुश चौराहा एक्सीडेंट जोन बना हुआ है। चौराहे पर मेट्रो ट्रैक के साथ ही ओवर ब्रिज का निर्माण चल रहा है। बैरिकेड्स लगाए जाने से यहां वाहनों के लिए जगह कम पड़ गई है। ऐसे मेें रॉंग साइड आने वाले वाहन और परेशानी बढ़ा रहे हैं। गुरुवार शाम चौराहे से सर्विस रोड पर आए बाइक सवार को एक भारी वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पिछले 3 साल में चौराहे पर करीब 13 मौतें हो चुकी हैं, जिसके कारण यह बड़ा एक्सीडेंट जोन बन गया है।
उज्जैन रोड, एमआर-10 और सुपर कॉरिडोर से आने वाले भारी वाहनों के साथ ही छोटे वाहनों की संख्या भी यहां काफी ज्यादा होती है। चौराहे पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। लवकुश चौराहे पर इस समय मेट्रो ट्रैक का काम चल रहा है। इसके लिए बीच सड़क पर बैरिकेडिंग की गई है। एक्सीडेंट जोन पर ट्रैफिक दबाव को देखते हुए आइडीए यहां थ्री लेयर ओवर ब्रिज का निर्माण कर रहा है। एक साइड से इसका काम शुरू होने से अलग बैरिकेडिंग की गई है। ऐसे में चौराहा भूल-भुलैया सा बन गया है। हर तरफ लोहे की चादरें व बैरिकेडिंग ही दिखती है।
अफसरों की समिति ने दिए इस तरह के सुधार के निर्देश
नगर निगम के अधीक्षण यंत्री महेश शर्मा, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री एमके सक्सेना, एसएन सोनी, एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक राकेश जैन, एनएचएआइ के प्रबंधक हिमांशु पांडे ने चौराहे का दौरा कर कलेक्टर को रिपोर्ट सौंप दी है। टीम ने माना कि निर्माण कार्य और बैरिकेडिंग के कारण जगह कम बची है। वाहन चालक गफलत में आ जाते हैं।

अतिरिक्त बल लगाकर व्यवस्था संभाली
चौराहे पर निर्माण कार्य से परेशानी बढ़ी है। अतिरिक्त पुलिस बल से व्यवस्था संभाल रहे हैं। दबाव के समय ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, ताकि कोई दुर्घटना न हो।
अजीतसिंह चौहान, एसीपी ट्रैफिक