
भीख मांगने के बजाय काम करने वालों को अब मिलेगा 10 हजार का लोन
इंदौर। शहर को भिक्षुक मुक्त बनाने की मुहिम चल रही है। इसके तहत भीख मांगना छोडक़र खुद का काम करने वाले लोगों को अब जहां नगर निगम 10 हजार रुपए का लोन दिलाएगा, वहीं अलग से महिला भिक्षुक पुनर्वास केंद्र भी बनेगा। इसमें पूरा स्टाफ महिलाओं का ही रहेगा। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत भिक्षुक को लोन दिया जाएगा।
यह फैसला निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने लिया है। उन्होंने शहर के विभिन्न स्थानों पर भिक्षावृत्ति कर रहे भिक्षुकों का रेस्क्यू कर भिक्षुक पुनर्वास ले जाने और कौशल उन्नयन के संबंध में सिटी बस ऑफिस में एक बैठक भी ली। इस दौरान अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, उपायुक्त नरेन्द्र शर्मा, अन्य विभागीय अधिकारी, एनजीओ संस्था प्रवेश की रूपाली जैन व अन्य एनजीओ प्रतिनिधि मौजूद थे।
बैठक में निगमायुक्त ने भिक्षुक को रेस्क्यू करने के बाद उनके लिए खाने-कपड़े की पर्याप्त व उचित व्यवस्था करने का कहा। अगर कोई भिक्षुक भिक्षावृत्ति छोडक़र अपनी रुचि अनुसार यदि कोई कार्य या व्यवसाय करना चाहता है तो उसे स्व रोजगार उपलब्ध कराने के आदेश दिए। इसके लिए भिक्षुकों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 10 हजार रुपए का लोन दिलाने का निगम अफसरों से कहा गया।
बैठक में महिला भिक्षुकों को रेस्क्यू करने के दौरान केवल महिला कर्मचारी व एनजीओ की महिला सदस्यों को ही कार्रवाई करने का कहा गया है। महिला भिक्षुकों के लिए पीपल्याहाना स्थित रैन बसेरा में अलग से महिला भिक्षुक पुनर्वास केंद्र बनाने और उक्त केंद्र पर सभी स्टाफ व कर्मचारी केवल महिलाएं ही रहे इसको लेकर निर्देशित संबंधित अफसरों को दिए हैं।
प्रोफाइल होगी तैयार
बैठक के दौरान भिक्षुकों को रेस्क्यू करने के उपरांत उनकी प्रोफाइल तैयार करने का भी कहा गया है। इसके अंतर्गत भिक्षुक के संबंध में निर्धारित फॉर्मेट में संपूर्ण जानकारी होगी। जैसे भिक्षुक का नाम, पता, उम्र, स्थिति, कहां से रेस्क्यू किया गया, शैक्षणिक योग्यता अगर हो तो, क्या कार्य करना चाहता और किस कार्य में रुचि है आदि संपूर्ण जानकारी का रिकॉर्ड रखने के आदेश दिए गए हैं। रेस्क्यू किए गए भिक्षुक यदि मानसिक रूप से कमजोर हो या मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो तो उसे मानसिक चिकित्सालय में रखने के निर्देश दिए गए हैं। 60 वर्ष के ऊपर के जिन भिक्षुकों के कोई परिवारजन नहीं हैं तो उन्हें वृद्धाश्रम में रखने का फैसला लिया गया है।
Published on:
09 Mar 2022 11:23 am
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