13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

धर्मांतरण के लिए बच्चों को ले जा रहे थे केरल, लड़कियों को इस हाल में बचाया

८ बच्चों को मुंबई ट्रेन से उतारकर दर्ज किया था मामला, एएसपी महू पंकज कुमावत पेश करेंगे जांच रिपोर्ट

3 min read
Google source verification
conversion

इंदौर. जीआरपी पुलिस ने धर्मातरण के आरोप में अक्टूबर में एक महिला व करीब 10 बच्चों को मुंबई ट्रेन से उतारा था। इस कार्रवाई को लेकर हाई कोर्ट में परिजन ने याचिका लगाई थी। अब इस मामले की जांच एएसपी महू को सौंपी गई है। मामले में हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि महिला बच्चों को धर्मांतरण कराने मुंबई ले जा रही थी। बच्चों के साथ उनके परिजन नहीं थे। कुछ बच्चे इंदौर व कुछ आसपास के थे।

हिंदू संगठन की रिपोर्ट पर केस दर्ज कर पुलिस ने बच्चों को आठ दिन तक अपने पास रखने के बाद परिजन को सौंपा था। तब पुलिस पर बच्चों को ठीक से नहीं रखने के आरोप लगे थे। मामले में दर्ज एफआईआर को गलत बताते हुए बच्चों के परिजन ने हाई कोर्ट में याचिका लगाकर मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर हकीकत सामने लाई जाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने एएसपी महू पंकज कुमावत को जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। एएसपी कुमावत ने बताया, जांच शुरू की है, जिसमें देखा जा रहा है कि मामला धर्मांतरण का था या नहीं।

इन बिंदुओं पर जांच
- सभी बच्चों की तीन पीढिय़ों की जानकारी।
- बच्चों के परिजन का धर्म। उनके स्कूल संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड व अन्य पहचान की जांच।
- बच्चों को ले जा रही महिला को परिजन ने रिश्तेदार बताया, उसकी जांच।
- धर्मातरण करने पर कलेक्टोरेट में जानकारी देना जरूरी है। इन बच्चों का धर्मांतरण हुआ है तो जानकारी दी गई थी या नहीं।
- बच्चे की मां या पिता में से एक क्रिस्चियन है, दूसरा अन्य धर्म का तो ऐसे में क्या कानूनी स्थिति बनती है।

चार लड़कियां, आठ नाबालिग
रेलवे एसपी के मुताबिक, जानकारी मिलने के बाद ट्रेन में सर्चिंग की तो 10 बच्चे मिले। इनमें चार लड़कियां और छह लड़के हैं जिनमें आठ नाबालिग हैं। दो बच्चों की उम्र तो पांच और छह साल ही है। बच्चों के साथ अनिता फ्रांसिस नाम की एक महिला और अमृत कुमार नाम का शख्स भी था। बच्चों के मुताबिक वे मुंबई में अप्पा सभा में प्रार्थना करने जा रहे थे। आरोपियों पर एमपी फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट 1968 के सेक्शन 3/4 और आईपीसी सेक्शन 363 के तहत किडनैप करने का केस दर्ज किया गया है।

मुंबई से केरल ले जाने की थी तैयारी
सभी बच्चे क्रिश्चियन कॉलोनी के हैं। बच्चों को पर्सनल ट्यूशन दिए जाने की जानकारी हाईकोर्ट वकील को मिली थी। जिसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई थी। जानकारी के मुताबिक, बच्चों को मुंबई भेजा जा रहा था। दिसंबर तक वहां रखा जाता फिर 12 जनवरी को केरल ले जाने का प्लान था। हिंदू जागरण मंच के मुताबिक आरोपियों के पास हिंदू धर्म की कुछ धार्मिक पुस्तकें जली और फटी मिली हैं। कुछ बच्चों के नाम भी बदले गए हैं। आरोपियों का कहना है कि हमने किसी का कोई धर्मांतरण नहीं करवाया है। सभी बच्चे ईसाई धर्म के हैं। उन्हें परिवार की सहमति से प्रार्थना सभा के लिए ले जा रहे थे।