- योजना छोड़ने से कई जमीन मालिकों को होगा फायदा
इंदौर. इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) की बोर्ड बैठक में शनिवार को योजना 171 को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। योजना को छोड़ने के लिए सरकार से विशेष अनुमति मांगने का प्रस्ताव रखा जाएगा। योजना छूटती है तो गृह निर्माण संस्था के साथ कई जमीन मालिकों को फायदा होगा।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देश पर तीन साल पहले प्रशासन ने गृह निर्माण संस्था के सदस्यों को कॉलोनियों में प्लॉट का कब्जा दिलाया था। उसमें योजना 171 की पुष्प विहार काॅलोनी सहित अन्य कॉलोनियां भी थीं। कब्जा मिलने के बाद भी सदस्य मकान नहीं बना पा रहे थे। हाल ही में ऐसी सभी कॉलोनियों का संयुक्त मोर्चा बना। इसे देखते हुए आइडीए अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा व सीईओ रामप्रसाद अहिरवार ने कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी से बात की थी तो दो दिन पहले विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई के साथ भी मंथन हुआ।
सार यह निकला कि सिर्फ संस्थाओं को ही डिनोटिफाई नहीं किया जा सकता। पूरी योजना के लिए शासन से अनुमति मांगी जाए। मंडलोई ने कहा कि 2017 में उन योजनाओं को डिनोटिफाई करने की विंडो खोली थी, जिसमें 10 प्रतिशत से ज्यादा काम नहीं हुआ। अब विंडो बंद हो गई। फिर तय हुआ कि उसमें आवेदन होता तो योजना खुद ही निरस्त मानी जाती। इसके अलावा 11 योजनाओं की 66 कॉलोनियों को डिनोटिफाइड करने पर भी बात होगी। प्रस्ताव को सरकार मंजूरी देती है तो 13 संस्थाओं के साथ सैकड़ों सदस्यों के जमीन मालिकों को सीधा फायदा होगा।
ये भी हैं प्रमुख प्रस्ताव
- योजना 140 के 98 प्लाॅटधारकों को लेकर चर्चा हो सकती है। महाधिवक्ता की राय बोर्ड बैठक में रखी जाएगी।
- अंरराष्ट्रीय स्वीमिंग पूल के टेंडर पर स्वीकृति दी जाएगी।
- अनंत चतुर्दशी पर निकलने वाली झांकियों को दो-दो लाख का अनुदान देने का प्रस्ताव पास होगा।
- नायता मुंडला बस स्टैंड का नाम निर्भयसिंह पटेल के नाम पर होगा, जिनकी प्रतिमा का टेंडर जारी किया जाएगा।