
इंदौर. इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के इंडेक्स हॉस्पिटल में इन दिनों मरीजों का टोटा पड़ गया है। यहां मरीज इलाज के लिए ही नहीं पहुंच रहे हैं। हालत यह है कि अस्पताल प्रबंधन व मेडिकल कॉलेज प्रबंधन मरीजों को यहां मुफ्त में इलाज करने का प्रलोभन दे रहे हैं। दरअसल मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने कई नियम बनाए गए हैं जिसमें से मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में बिस्तर के अनुरूप मरीजों की संख्या ७५ से ८० प्रतिशत तक होना चाहिए, लेकिन शहर से दूर स्थित इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में मरीज ही नहीं रहते हैं।
किराए पर लाए थे मरीज
जब भी यहां मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम दौरा करती है किराए के मरीज लाए जाते हैं। पिछले वर्ष इसको लेकर अस्पताल में बवाल भी हुआ था। कॉलेज की बसों में ग्रामीणों को यहां रुपए देने का लालच देकर लाया गया था और बेवजह ही भर्ती कर दिया गया था। न्यूज टुडे ने तब भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। एमसीआई अधिकारियों तक भी यह जानकारी पहुंची थी।
कैसे प्रैक्टिस कर रहे हैं छात्र
इसके बाद अब कॉलेज की पढ़ाई पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि मेडिकल की पढ़ाई में थ्योरी के साथ ही प्रेक्टिकल का अहम रोल होता है। ऐसे में कॉलेज में जब मरीज नहीं हैं तो छात्र-छात्राएं प्रैक्टिस कैसे करते होंगे। जबकि इसके उलट एमवाय अस्पताल में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं।
डीन कर रहे निवेदन
खास बात है कि कॉलेज के डीन डॉ. मूलराज कुराल स्वयं मान्यता के लिए मरीजों का अस्पताल में फ्री इलाज करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में एक पत्र जारी किया है जिसमें कहा गया है कि हम रोगियों को अपनी सेवाएं अधिकांश समय मुफ्त दे रहे हैं, क्योंकि हम एमसीआई मान्यता की निरंतरता के लिए 75-80 प्रतिशत बिस्तर रोगियों से भरे रखना चाहते हैं। इसके साथ ही अस्पताल में मौजूद संसाधन वर्तमान में उपयोग नहीं आने की बात भी कह रहे हैं, जिससे स्पष्ट है कि अस्पताल में मरीज ही नहीं हैं।
Published on:
23 Mar 2018 03:21 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
