इंदौर। इंदौर ने एक बार फिर परचम लहरा दिया। इस बार वायु गुणवत्ता में श्रेष्ठता साबित करने के लिए पहला पुरस्कार मिला है। मिलियन प्लस आबादी श्रेणी में विजेता रहे इंदौर ने इस दिशा में जहां ग्रीन कवर बढ़ाने पर ध्यान दिया, वहीं सड़कों से धूल हटाने, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने, 24 घंटे बिजली सप्लाई, सीएंडडी वेस्ट का मैनेजमेंट, ई-चार्जिंग स्टेशन आदि पर काम किए।
बता दें कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण- 2023 के पुरस्कारों की घोषणा गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में की गई। इस श्रेणी में आगरा दूसरे व ठाणे तीसरे स्थान पर रहे। इसमें भोपाल को 5वां, जबलपुर को 13वां और ग्वालियर को 41वां स्थान मिला है। 3 से 10 लाख आबादी में अमरावती को पहला, मुरादाबाद को दूसरा और गुंटूर को तीसरा स्थान मिला। इसमें सागर को 10वां स्थान मिला। 3 लाख से कम आबादी में परवाणू को पहला, कालाअंब को दूसरा और अंगुल को तीसरा स्थान मिला।
आगरा: कचरे का पहाड़ खत्म कर पहाड़ बनाया।
ठाणे: ब्रिज का निर्माण कर जाम की समस्या सुधारी।
अंगुल: यहां 17.5 टन सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट को खत्म करने 3 माइक्रो कंपोस्टिंग प्लांट बनाए।
परवाणू: सड़कों पर उड़ने वाली धूल को कम किया। चिह्नित जगहों पर पैवर ब्लॉक लगाए।
मुरादाबाद: 5.8 लाख टन कचरे का निष्पादन किया। यहां निकलने वाली गैसों के चलते आगजनी की घटना कम हुईं।
गुंटूर: ट्रैफिक समस्या को हल करने के लिए करीब एक किमी लंबी इनर रिंग रोड बनाई। सड़क किनारे पैवर ब्लॉक लगाए गए।
कालाअंब: औद्योगिक गतिविधियों के चलते वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। ओवरब्रिज निर्माण से भारी वाहन सीधे बाहर निकाले जा सके।
प्रकृति का दोहन करें, शोषण नहीं: शिवराज
सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि इंदौर को तो प्रथम आने की आदत है। मानव को प्रकृति का दोहन करना चाहिए, उसका शोषण नहीं। हमें प्रकृति को स्वच्छ भी बनाना चाहिए।