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कुर्सी पर चढक़र दंपत्ती झूल गए फांसी पर, ये था आत्महत्या का मामला

बाणगंगा इलाके का मामला, शनिवार को देवर को फोन कर बुलाया था इंदौर

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 पाली में पकड़े आरोपित, ब्यावर की वारदात भी कबूली

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इंदौर. बाणगंगा में दंपत्ती की आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। दोनो ने एक साथ कुर्सी पर बिस्तर रख फांसी के फंदे पर झूल गए। शनिवार को महिला ने देवर को फोन कर इंदौर आने के लिए कहां था। रविवार से दोनो के फोन बंद आ रहे थे। लव मैरिज करने के बाद से दोनो गांव नहीं आए।

बाणगंगा इलाके में भागीरथपुरा में रहने वाले ओमप्रकाश लोधी (25), पत्नी रोशनी (23) ने एक साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे में एक कुर्सी मिली। इस पर बिस्तर रख दोनो एक साथ ही फांसी के फंदे पर झूल गए। इसके बाद उन्होंने लात मारकर कुर्सी को गिरा दिया था। शव करीब चार दिन पुराने हो चुके थे। इस कारण पूरे कमरे में तेज बदबू फैली हुई थी। बुधवार रात यहां पहुंची पुलिस ने परफ्यूम डालकर कमरे की तलाशी लेने का प्रयास किया। गुरुवार को पुलिस ने कमरे की जांच की। यहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। इसी के बाद आत्महत्या की गुत्थी उलझ गई है। गुरुवार को अरविंदो अस्पताल में दोनो का पोस्टमॉर्टम हुआ। पिता हरिसिंह ने बताया कि बेटे व बहू ने आत्महत्या क्यों की इसकी वजह नहीं पता। बेटे ने तीन साल पहले इंदौर में रोशनी से लव मैरिज कर ली थी। दोनो ने कोर्ट में शादी कर परिवार को इसकी जानकारी दी। शादी के बाद दोनो कभी गांव नहीं आए। ओमप्रकाश ने बी फॉर्मा किया था। वह एक कास्मेटिक कंपनी में नौकरी कर रहा था। परिवार के लोग दोनो के शव चाचौड़ा, गुना ले गए। वही पर उनका अंतिम संस्कार होगा।

भाई ने जताई शंका

बुधवार रात दोनो के शव मिलने के बाद से परिवार सदमे में है। छोटे भाई ने बताया कि शनिवार को भाभी ने फोन किया था। बताया था कि ओमप्रकाश की तबीयत ज्यादा खराब है। आप रविवार को इंदौर आ जाओ। रविवार को इंदौर आने के पहले जब उसने ओमप्रकाश व भाभी को फोन किया तो दोनो के मोबाइल बंद थे। पिता को इंदौर जाने के लिए कहां तब घटना सामने आई। भाई ने शंका जताई कि जिस दिन भाभी का फोन आया था तब उसने ओमप्रकाश से बात करवाने को कहा लेकिन बात नहीं हो पाई। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे उसका मुंह किसी ने बंद कर रखा था। भाई व भाभी के बीच सब कुछ सामान्य था। फिर भी ऐसी घटना से संदेह होता है।